यूनिफॉर्म, किताब और स्कॉलरशिप का पैसा सीधे खाते में, शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को जारी किया नया आदेश
शिक्षा निदेशालय ने डीबीटी योजनाओं के तहत छात्रों को आर्थिक सहायता के लिए बैंक खातों को आधार से जोड़ने के ...और पढ़ें

HighLights
छात्रों के बैंक खातों को आधार से लिंक करने के निर्देश जारी।
डीबीटी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता में देरी नहीं होगी।
भुगतान त्रुटियाँ दूर होंगी, जागरूकता शिविर भी आयोजित होंगे।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। शिक्षा निदेशालय ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता पाने वाले विद्यार्थियों के बैंक खातों को आधार से जोड़ने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं।
विभाग ने शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने के साथ विद्यार्थियों के बैंक खातों और अन्य विवरणों में गड़बड़ियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलने में देरी न हो।
शिक्षा विभाग के अनुसार, लाभार्थियों के विवरण में विसंगतियों के कारण कई भुगतान में त्रुटियां सामने आई हैं। इसे देखते हुए क्षेत्रीय शिक्षा निदेशकों (आरडीई) को जिला और जोन स्तर के अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है। स्कूल प्रधानाचार्यों को भी विद्यार्थियों के रिकार्ड की जांच करने और भुगतान में आ रही समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
चार योजनाओं के तहत मिलता है लाभ
शिक्षा निदेशालय पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से चार योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देता है।
- इनमें स्कूल यूनिफार्म के लिए सब्सिडी,
- नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों के लिए आर्थिक सहायता,
- आर्थिक रूप से पिछड़े अल्पसंख्यक वर्ग (ईबीएम) के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता
- और मेधावी विद्यार्थियों के लिए लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृत्ति शामिल हैं।
विभाग ने भुगतान की स्थिति और त्रुटियों का सामना कर रहे लाभार्थियों की सूची शिक्षा निदेशालय के पोर्टल पर उपलब्ध कराई है। स्कूलों को सूची में दर्ज विद्यार्थियों के विवरण की जांच कर बैंक खाते से संबंधित गड़बड़ियों को सुधारने के लिए कहा गया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि संशोधित बैंक खाता आधार से सही तरीके से जुड़ा हो।
जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश
विद्यार्थियों और अभिभावकों को आधार सीडिंग की प्रक्रिया समझाने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए स्कूलों को जागरूकता एवं सहायता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रीय शिक्षा निदेशकों को पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने और जिला व स्कूल स्तर पर लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभाग ने जिला स्तर पर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है। इसमें डीबीटी भुगतान में त्रुटियों वाले विद्यार्थियों के बैंक खातों के विवरण में किए गए सुधार और आधार सीडिंग की स्थिति की जानकारी देनी होगी।
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