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अब दिल्ली में कारोबार करना होगा बेहद आसान, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026' ला रही रेखा सरकार; क्या है प्लान?

Published: Wed, 05 Aug 2026 04:44 PM (IST)

दिल्ली सरकार 'दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026' लाने की तैयारी में है, जिसका मसौदा तैयार हो गया है। यह बिल कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा।

दिल्ली सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करतीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सौजन्य :दिल्ली सरकार

दिल्ली सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करतीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सौजन्य :दिल्ली सरकार 

HighLights

  1. सिंगल विंडो सिस्टम से सभी सेवाएं समय पर मिलेंगी

  2. पंजीकरण के बाद तीन साल तक नियमित निरीक्षण नहीं होगा

  3. निर्धारित समय में निर्णय न होने पर स्वतः स्वीकृति मिलेगी

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में कारोबार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ‘दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ लाने की तैयारी कर रही है। इसका मसौदा तैयार हो गया है।

प्रस्तावित कानून के अंतर्गत कारोबार से जुड़ी विभिन्न स्वीकृति, पंजीकरण, लाइसेंस, अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) सहित अन्य औपचारिकताओं के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिसके माध्यम से एक ही आनलाइन पोर्टल पर सभी सेवा समय सीमा के भीतर उपलब्ध होगी।

पंजीकरण के बाद सामान्य परिस्थितियों में तीन वर्षों तक किसी प्रकार का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाएगा। केवल गंभीर प्रकृति की शिकायत मिलने पर ही निरीक्षण किया जा सकेगा। इससे उद्योगों को अनावश्यक निरीक्षणों से राहत मिलेगी।

कैबिनेट में मसौदे पर हुआ विचार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ‘दिल्ली ईज आफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ के मसौदे पर विचार किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य दिल्ली को उद्यम स्थापित करने और संचालित करने से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाया जाएगा।

यह जन विश्वास विधेयक, 2023 की भावना के अनुरूप है। उपराज्यपाल एवं दिल्ली मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन के बाद इस विधेयक को गृह मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा।

'डीम्ड अप्रूवल' और स्वयं प्रमाणन की होगी व्यवस्था

इस कानून में ‘डीम्ड अप्रूवल’ की व्यवस्था होगी। यदि कोई सक्षम प्राधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी आवेदन पर निर्णय नहीं लेता है तो संबंधित स्वीकृति, पंजीकरण या एनओसी स्वतः स्वीकृत मानी जाएगी।

आवेदक उसे सीधे आनलाइन पोर्टल से डाउनलोड भी कर सकेगा। कम जोखिम वाली गतिविधियों के लिए स्वयं प्रमाणन की व्यवस्था लागू की जाएगी।

निर्धारित श्रेणियों के अंतर्गत अग्नि सुरक्षा, भवन योजना स्वीकृति, प्रदूषण संबंधी अनुमति तथा लो-टेंशन बिजली कनेक्शन जैसी प्रक्रियाएं स्वयं घोषणा के आधार पर पूरी की जा सकेंगी।

डीएसआईआईडीसी नोडल एजेंसी

इस पूरी व्यवस्था के संचालन की जिम्मेदारी दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (डीएसआइआइडीसी) को सौंपी जाएगी।

यह आवेदन प्राप्त होने से लेकर अंतिम स्वीकृति मिलने तक पूरी प्रक्रिया के लिए एकमात्र जवाबदेह नोडल एजेंसी होगी। सभी संबंधित विभाग और नागरिक एजेंसियां इसके माध्यम से समन्वय स्थापित करेंगी।

प्रस्तावित कानून के महत्वपूर्ण तथ्य

  • जिन उद्यमों का पहले से जीएसटी, एफएसएसएआई, एमएसएमईडी अधिनियम अथवा लेबर कोड्स के तहत पंजीकरण है तो उन्हें अलग से ट्रेड लाइसेंस, हेल्थ ट्रेड लाइसेंस, ईटिंग हाउस लाइसेंस या शाप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट पंजीकरण लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • किसी आवेदक से वह दस्तावेज या जानकारी दोबारा नहीं मांगी जाएगी, जो पहले से दिल्ली सरकार के किसी विभाग के पास उपलब्ध है।
  • अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में एफएआर, ग्राउंड कवरेज और भवन की ऊंचाई से संबंधित कई प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव है। साझा अग्नि सुरक्षा अवसंरचना की जिम्मेदारी व्यक्तिगत इकाइयों के बजाय डीएसआईआईडीसी पर होगी।
  • किसी भी उद्यम पर लागू नियम और शर्तें उसके वास्तविक जोखिम के अनुपात में होंगी। मनमाने और सभी पर समान रूप से लागू होने वाले अनुपालन नियमों से राहत मिलेगी।
  • सरकार आवश्यकता पड़ने पर सभी लाइसेंसों और एनओसी के लिए एक समान वैधता अवधि भी अधिसूचित कर सकेगी जिससे अलग-अलग समय पर नवीनीकरण कराने की आवश्यकता समाप्त होगी।
  • सत्यापन और प्रमाणन जैसी सेवाओं के लिए अधिकृत पैनल में शामिल पेशेवरों तथा अन्य राज्यों के पैनल में शामिल पेशेवरों की सेवाएं भी ली जा सकेंगी।

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