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दीवाली पर पटाखों की बिक्री को लेकर व्यापारियों में असमंजस, सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को सुनवाई

Published: Sun, 25 Oct 2026 07:18 AM (IST)Updated: Sun, 25 Oct 2026 07:49 AM (IST)

दिल्ली में दीवाली पर पटाखों की बिक्री को लेकर व्यापारियों में अनिश्चितता है, क्योंकि पूर्ण प्रतिबंध का मामला सुप्रीम कोर्ट ...और पढ़ें

दिल्ली के व्यापारियों में पटाखों की बिक्री को लेकर असमंजस।

दिल्ली के व्यापारियों में पटाखों की बिक्री को लेकर असमंजस।

HighLights

  1. दिल्ली में दीवाली पर पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध।

  2. सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित, 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई।

  3. व्यापारी हरित पटाखों की बिक्री की अनुमति की कर रहे मांग।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दीपावली में चंद दिन शेष हैं। पर रोशनी के पर्व पर दिल्ली के व्यापारियों में पटाखों की बिक्री को लेकर असमंजस की स्थिति है। क्योंकि, पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है। मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसपर अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित है।

इस बीच पटाखा कारोबारियों ने पर्व के उत्साह तथा उन लोगों के कारोबार को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार से सुप्रीम कोर्ट में मामला मजबूती से रखने की मांग की है।

इसे लेकर कारोबारी संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली सरकार के मंत्रियों से मुलाकात कर आग्रह कर रहे हैं। कारोबारी संगठन सीटीआई के नेतृत्व में हाल में पटाखा कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा से भी मिला।

बिक्री और जलाने की अनुमति मिले

सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, पटाखा कारोबार से हजारों लोगों का परिवार जुड़ा है। ऐसे में आग्रह है कि हरित पटाखों की बिक्री और जलाने की अनुमति मिले।

सदर बाजार के पटाखा कारोबारी नरेंद्र गुप्ता ने अनुसार, उन लोगों ने पहले से इस उम्मीद में तैयारी कर रखी है कि पटाखा बिक्री की अनुमति मिल जाएगी। इसलिए तमिलनाडु के शिवकाशी में थोक पटाखों के ऑर्डर दे रखे हैं।

अगर अनुमति मिलती है तो उसे मंगा लेंगे। अन्यथा एडवांस वापस मिल जाएगा, लेकिन तब तक स्थिति असमंजस वाली है। सवाल है कि इसका निर्णय समय रहते क्यों नहीं ले लिया जाता।

अंत समय में अनुमति से कारोबार प्रभावित

पिछले वर्ष दीपावली के ठीक पहले दिल्ली में हरित पटाखों की बिक्री की अनुमति मिली थी। लेकिन अंत समय में अनुमति मिलने से केवल 168 दुकानदारों को ही पटाखा बेचने का लाइसेंस दिया था। उसमें भी प्रत्येक दुकानदार को 600 किलो ही हरित पटाखा बेचने की अनुमति थी।

दुकानदारों के अनुसार, इस स्थिति में दिल्ली में अवैध तरीके से तथा प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री बढ़ जाती है। दिल्ली फायर वर्क्स ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैन के अनुसार, अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिर भी उम्मीद है कि शर्तों के साथ अनुमति मिल जानी चाहिए, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व की टिप्पणी तथा दिल्ली सरकार का रुख उम्मीद जगा रहा है।

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