दिल्ली: 10 रुपये के फटे नोट को लेकर ग्राहक ने मारा थप्पड़, आहत डिलीवरी ब्वॉय ने की खुदकुशी
पूर्वी दिल्ली में एक डिलीवरी ब्वॉय को 10 रुपये के फटे नोट को लेने से मना करने पर पीटा गया, ...और पढ़ें
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डिलीवरी ब्वॉय समीर हुसैन का फाइल फोटो। सोशल मीडिया
HighLights
डिलीवरी ब्वॉय को 10 रुपये के फटे नोट पर पीटा गया।
पिटाई से आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ पी लिया।
16 दिन बाद अस्पताल में उसकी दुखद मौत हो गई।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। परिवार का पेट पालने के लिए साइकिल से घर-घर सामान पहुंचाने वाले समीर हुसैन ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि 10 रुपये के एक फटे नोट को लेने से मना करने पर उसे इस कदर प्रताड़ित होना पड़ेगा।
आरोप है कि नोट लेने से इनकार करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। इस घटना से आहत समीर ने अपने साथ हुई मारपीट का दर्द मोबाइल में कई वीडियो बनाकर बयां किया।
एलबीएस अस्पताल में हुई मौत
5 अक्टूबर को एक पार्क में वीडियो बनाते हुए उसने जहरीला पदार्थ पी लिया। 16 दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद 20 अक्टूबर को एलबीएस अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
कल्याणपुरी थाना पुलिस ने खुदकुशी के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी रामपाल चौधरी और उसके बेटे राकेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।
समीर हुसैन खिचड़ीपुर गांव में अपने परिवार के साथ रहता था। परिवार में उसके पिता जाकिर हुसैन समेत कई सदस्य हैं। वह फ्लिपकार्ट में साइकिल से डिलीवरी ब्वॉय का काम करता था।
कंपनी के नियम के अनुसार, फटा हुआ नोट स्वीकार नहीं किया जाना था। समीर चार अक्टूबर की रात करीब 150 रुपये के काफी के पैकेट की डिलीवरी करने खिचड़ीपुर, गली नंबर-3 में रामपाल चौधरी के घर पहुंचा था।
समीर ने पुलिस को दी सूचना
समीर के मोबाइल में बनाए गए वीडियो के अनुसार, रामपाल ने उसे 10 रुपये का फटा नोट दिया। समीर ने नोट लेने से मना किया तो आरोप है कि रामपाल ने उसके साथ गाली-गलौज की और अपने बेटे राकेश को बुला लिया। इसके बाद दोनों ने उसकी पिटाई की। किसी तरह वहां से बचकर निकले समीर ने रात करीब 12 बजे पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने एलबीएस अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच कराई और मारपीट व चोट पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज किया था।
पार्क में बैठकर बनाया वीडियो
5 अक्टूबर को बनाए गए वीडियो में समीर एक पार्क में बैठा दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह अपने साथ हुई घटना के बारे में बताने के बाद उसने बैग से जहरीला पदार्थ निकालकर पी लिया। इस दौरान कहा कि उसके बस में मेहनत करना है।
बुजुर्ग ने उसे गरीब कहकर उसके हालात का मजाक उड़ाया। उसने जिंदगी में देख लिया कि कोई किसी का साथ नहीं देता। जहरीला पदार्थ पीने के बाद समीर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
16 दिन तक इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई। उसके बनाए कई वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं।
मोबाइल जांच के लिए भेजा
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रावल ने बताया कि पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। युवक का मोबाइल जांच के लिए भेजा गया है। कुछ वीडियो मिले हैं, जिनके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
