मोबाइल पर आ रही फाइल से हो जाएं सावधान! दिल्ली में APK फ्रॉड करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार
दक्षिणी जिले की साइबर पुलिस ने मोबाइल पर एपीके फाइल भेजकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुजरात ...और पढ़ें

दिल्ली में एपीके साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ तीन गिरफ्तार।
HighLights
दक्षिणी दिल्ली साइबर पुलिस ने एपीके फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया।
गुजरात के अहमदाबाद से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपित कमीशन पर धोखाधड़ी की रकम को इधर-उधर करते थे।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी जिले के साइबर थाने की टीम ने मोबाइल पर एपीके फाइल भेजकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में गुजरात के अहमदाबाद से तीन आरोपितों मो. इस्माइल अंसारी, शेख मोहम्मद नुरेन और तारिक अहमद को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों के पास से 11 क्रेडिट कार्ड व तीन मोबाइल बरामद किए। जांच से पता चला कि इन क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कमीशन के आधार पर धोखाधड़ी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था।
दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक मामले में विकास कुमार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। उन्हें एक धोखाधड़ी वाले लिंक वाला एसएमएस मिलने के बाद उनके साथ 6.57 लाख की धोखाधड़ी हुई थी।
बलराम सिंह बेनीवाल की देखरेख में जांच शुरू
केस दर्ज कर एसआई राज कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार बैरवा और राजकुमार बैरवा की टीम ने एसएचओ इंस्पेक्टर हंसराज स्वामी व एसीपी ऑपरेशन बलराम सिंह बेनीवाल की देखरेख में जांच शुरू की।
जांच टीम ने मनी ट्रेल, बैंकिंग रिकार्ड और तकनीकी सबूतों का विश्लेषण किया गया। कुल 6.57 लाख की रकम में से चार लाख का पता दो ट्रांजैक्शन के जरिए लगाया।
आरोपित मोहम्मद इस्माइल अंसारी, शेख मोहम्मद नुरेन और तारिक अहमद का पता लगाकर उन्हें अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपित वाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप के जरिए अन्य हैंडलर्स से जुड़े, जिनमें से कुछ वाट्सएप नंबर यूएसए से जुड़े थे।
प्राइवेट बैंक का कर्मचारी है इस्माइल
अहमदाबाद निवासी आरोपित मोहम्मद इस्माइल आईडीबीआई बैंक का संविदा कर्मचारी है। साइबर फ्राड से मिले पैसे को इधर-उधर भेजने (राउटिंग) के लिए कई क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए थे। शेख मोहम्मद नुरेन और तारिक अहमद ने भी बैंकिंग चैनलों के जरिए फ्राड से मिले पैसे को कमीशन के आधार पर इधर-उधर भेजने के लिए कई क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए।
गिरोह एपीके आधारित फाइल वाले मैसेज भेजता था। लिंक पर क्लिक करते ही खतरनाक एप डाउनलोड होने की वजह से पीड़ितों के मोबाइल डिवाइस और बैंकिंग जानकारी आरोपितों तक पहुंच जाती थी।
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