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रिश्वत के मामले में MCD के इंस्पेक्टर समेत दो के खिलाफ आगे की जांच करेगी CBI, राउस एवेन्यू कोर्ट का आदेश

Published: Tue, 07 Apr 2026 07:19 PM (IST)

राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने नगर निगम रिश्वतखोरी मामले में आगे की जांच का आदेश दिया है। यह ...और पढ़ें

निगम इंस्पेक्टर समेत दो के खिलाफ होगी जांच। फोटो: आर्काइव

निगम इंस्पेक्टर समेत दो के खिलाफ होगी जांच। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. राउज एवेन्यू कोर्ट ने रिश्वत मामले में जांच के आदेश दिए

  2. निगम अधिकारी अरुण की भूमिका पर अदालत को संदेह है

  3. सीबीआई को पूरक आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश मिला

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने नगर निगम से जुड़े रिश्वतखोरी मामले में दाखिल आरोपपत्र पर सुनवाई करते हुए मामले में आगे की जांच के आदेश दिए हैं।

यह मामला निगम के कनिष्ठ सचिवालय सहायक योगेश कुमार और एक निजी व्यक्ति रवि कुमार से जुड़ा है, जिसे सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

अदालत के समक्ष पेश आरोपपत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि तिमारपुर ट्रक पार्किंग में उसकी दुकानों को दोबारा सील न करने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। पहले 10 हजार रुपये दिए जा चुके थे, जबकि शेष 40 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।

CBI ने पिछले रिश्वत लेते पकड़ा था 

सीबीआई ने 20 जून 2025 को ट्रैप बिछाकर आरोपित रवि कुमार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि यह रकम योगेश कुमार के कहने पर ली जा रही थी। मौके से रिश्वत की रकम बरामद की गई और दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

मामले में अन्य निगम अधिकारियों कपिल, अरुण और सुदीप की भूमिका की भी जांच की गई, लेकिन सीबीआइ ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। हालांकि, अदालत ने पाया कि अरुण नामक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है और उसकी गहन जांच जरूरी है।

आगे की जांच करेगी सीबीआई

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान, काॅल डिटेल रिकाॅर्ड (सीडीआर) और लोकेशन की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि अरुण इस साजिश में शामिल था या नहीं।

इन्हीं बिंदुओं को देखते हुए अदालत ने मामले को आगे की जांच के लिए वापस सीबीआई को भेज दिया है और निर्देश दिया है कि पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जाए।

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