दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम वोटर लिस्ट में हुआ मान्य, चुनाव आयोग ने दी सफाई
चुनाव आयोग ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को मतदाता सूची में नोटिस दिए जाने की खबरों पर स्थिति स्पष्ट ...और पढ़ें

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को नोटिस दिए जाने की खबरों पर चुनाव आयोग ने शनिवार को स्थिति साफ की है।
HighLights
चुनाव आयोग ने दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता पर स्थिति स्पष्ट की।
मतदाता सूची में नाम सामान्य सत्यापन के बाद वैध हुआ।
शालीमार बाग ईआरओ ने नोटिस जारी कर पुष्टि की।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर 2026) प्रक्रिया के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को नोटिस दिए जाने की खबरों पर चुनाव आयोग ने शनिवार को स्थिति साफ की है। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), शालीमार बाग द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि प्रक्रिया के बाद मुख्यमंत्री का नाम पूरी तरह वैध कर दिया गया है।
सामान्य सत्यापन प्रक्रिया का था हिस्सा
आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान गणना फार्म (Enumeration Form) में दी गई जानकारियों के आधार पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (जो कि विधानसभा क्षेत्र-14 शालीमार बाग से पंजीकृत मतदाता हैं) का नाम तार्किक विसंगतियों (Logical Discrepancies) की सूची में दर्ज हुआ था।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया गया था और नामित बीएलओ (BLO) द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Field Verification) किया गया।
The Election Commission stated that a notice was issued to Delhi Chief Minister Rekha Gupta after her name appeared in the list of discrepancies during the ongoing SIR process.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 19, 2026
Following verification of her facts and documents, her entry has been validated and will be included… pic.twitter.com/lPKWOLKhcm
4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची में होगा प्रकाशन
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के उचित सत्यापन के बाद उनका नाम अद्यतन व मान्य कर लिया गया है। इसे 4 नवंबर 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित होने वाली शालीमार बाग (AC-14) की अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) में शामिल किया जाएगा।
पारदर्शी प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध आयोग
प्रेस नोट के अंत में निर्वाचन आयोग ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और समावेशी बनाया जा रहा है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 'कोई भी पात्र नागरिक छूटने न पाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो'।
