दिल्ली में आपदा से निपटने के लिए सिविल डिफेंस वालंटियर्स के नए एनरोलमेंट शुरू, लंबे समय के बाद आए आवेदन
दिल्ली सरकार ने लंबे समय बाद सिविल डिफेंस वालंटियर्स के नए एनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू की है। ये वालंटियर्स आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और जनजागरूकता जैसे कार्यों में मदद करेंगे।

नए वालंटियर्स को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, जनजागरूकता और मॉक ड्रिल जैसे कार्यों में लगाया जा सकेगा। एआई इमेज
HighLights
दिल्ली सरकार ने सिविल डिफेंस वालंटियर्स के नए एनरोलमेंट शुरू किए।
आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, जनजागरूकता में वालंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण।
विधानसभा में उठा था मुद्दा, पूर्व में भुगतान विवाद भी रहे।
वीके शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सिविल डिफेंस वालंटियर्स के नए एनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए इच्छुक लोगों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। लंबे समय बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया से राजधानी में सिविल डिफेंस वालंटियर्स की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। नए वालंटियर्स को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, जनजागरूकता और मॉक ड्रिल जैसे कार्यों में लगाया जा सकेगा।
विधानसभा में भी उठा था मुद्दा
दिल्ली में सिविल डिफेंस वालंटियर्स लंबे समय से विभिन्न सरकारी अभियानों और आपात स्थिति में प्रशासन का सहयोग करते रहे हैं। यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा की स्थिति में राहत कार्य, प्राथमिक उपचार और लोगों को जागरूक करने में भी इनकी भूमिका रहती है। पूर्वी दिल्ली में फिलहाल करीब 550 वालंटियर्स हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर करीब एक हजार करने की जरूरत भी कुछ माह पहले दिल्ली विधानसभा में उठाई गई थी।
डिफेंस वालंटियर्स के कार्यों की सराहना की
पूर्वी दिल्ली के डीडीसी चेयरमैन एवं विधायक डाॅ. अनिल गोयल द्वारा दिल्ली विधानसभा में सिविल डिफेंस वालंटियर्स के एनरोलमेंट का मुद्दा उठाया था। सरकार की ओर से दिल्ली में सिविल डिफेंस वालंटियर्स के नए एनरोलमेंट के लिए आमंत्रण शुरू किए गए हैं।
इसे पूर्वी दिल्ली सहित राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में सिविल डिफेंस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए डा गोयल ने सिविल डिफेंस वालंटियर्स के कार्यों की सराहना की थी।
पहले नियुक्ति और भुगतान को लेकर रहा विवाद
सिविल डिफेंस वालंटियर्स को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई बार विवाद भी सामने आए हैं। कोरोना काल में बड़ी संख्या में वालंटियर्स को ड्यूटी पर लगाया गया था। बाद में ड्यूटी खत्म होने और भुगतान से जुड़े मुद्दों को लेकर वालंटियर्स ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए।
कई वालंटियर्स ने लंबे समय तक ड्यूटी नहीं मिलने और मानदेय से जुड़े मामलों को लेकर अपनी आवाज उठाई थी। उनकी सेवाओं की निरंतरता और नियमित रोजगार की मांग भी समय-समय पर सामने आती रही है।
