दिल्ली के कैंसर अस्पताल की सुरक्षा में बड़ी चूक, लाखों का निमोटुजुमैब इंजेक्शन चोरी; जांच में जुटी पुलिस
दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित डीएससीआइ अस्पताल से कैंसर मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाला निमोटुजुमैब इंजेक्शन चोरी हो गए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
डीएससीआइ से लाखों के निमोटुजुमैब इंजेक्शन चोरी।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दिलशाद गार्डन स्थित दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (डीएससीआइ) से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले लाखों रुपये के निमोटुजुमैब इंजेक्शन चोरी हो गए हैं। इस चोरी ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
आखिर अस्पताल से इंजेक्शन चोरी हो कैसे गए। सीसीटीवी कैमरे व सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद इंजेक्शन चोरी होने से अस्पताल के कर्मचारियों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। डे केयर विभागाध्यक्ष डा. पंकज त्यागी की शिकायत पर जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस ने सोमवार को चोरी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
मामले की जांच के लिए कमेटी गठित
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने चुप्पी साध ली है। अस्पताल ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। निमोटुजुमैब एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दवाई है, इसका इस्तेमाल कई प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है।
पुलिस को दी गई शिकायत में डाक्टर ने बताया कि छह अक्टूबर को कीमो डे केयर विभाग में रेफ्रिजरेटर से निमोटुजुमैब के चार इंजेक्शन गायब मिले।
रेफ्रिजरेटर से गायब हुआ इंजेक्शन
यह इंजेक्शन कीमोथेरेपी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन अक्टूबर की शाम लगभग 5:30 बजे से 6:00 बजे के बीच रेफ्रिजरेटर में रखे गए थे। कर्मचारियों ने इंजेक्शन तलाश किए, लेकिन मिले नहीं।
वहीं सूत्रों का कहना है कि अस्पताल से लाखाें रुपये के इंजेक्शन चोरी होना कोई आम बात नहीं है। कैंसर की दवाईयां महंगी होती हैं। हो सकता है कर्मचारियों ने किसी संगठित गिरोह के साथ मिलकर अस्पताल से इंजेक्शन चोरी करके बाजार में बेच दिए हो। अभी किसी की भूमिका सामने नहीं आई है। अस्पताल प्रबंधन यह भी बताने को तैयार नहीं है यह इंजेक्शन कितने मूल्य के आधार पर खरीदे गए थे।
इंजेक्शन चोरी होने का केस दर्ज किया है। पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ ही उस विभाग में तैनात कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
-आरपी मीणा, जिला पुलिस उपायुक्त।
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