मयूर विहार से AIIMS का सफर होगा सिग्नल फ्री, प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिली; अब नहीं लगेगा घंटों तक जाम
दिल्ली कैबिनेट ने यातायात जाम कम करने के लिए दो सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें बारापुला के तीसरे ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इमेज एआई जेनरेटेड

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दो सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। बारापुला तीसरे चरण के लिए संशोधित लागत 1635.03 करोड़ रुपये के साथ ही दक्षिणी दिल्ली के एमबी रोड पर छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर व दो अंडरपास परियोजना को स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से जाम की समस्या दूर होगी।
मयूर विहार फेज एक से एम्स पहुंचना होगा आसान
बारापुरा तीसरे चरण में सराय काले खां से मयूर विहार तक आठ लेन का साढ़े तीन किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। वर्ष 2015 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में इसे पूरा किया जाना था। पेड़ हटाने की मंजूरी लिए बिना इसका काम शुरू कर दिया गया था, इस कारण 10 वर्ष बाद भी इसका काम पूरा नहीं हुआ है।
भाजपा की सरकार आने के बाद यह बाधा दूर की गई। कुछ माह पहले बचे हुए 250 मीटर के हिस्से पर काम शुरू हुआ है। जून तक यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य में देरी के कारण इसकी लागत 964 करोड़ रुपये से बढ़कर 1635.03 करोड़ रुपये हो गया है।
कैबिनेट में संशोधित लागत को स्वीकृति मिल गई है। इस हिस्से का काम पूरा होने से मयूर विहार फेज एक से एम्स तक लगभग साढ़े नौ किलोमीटर का हिस्सा सिग्नल मुक्त हो जाएगा। इससे सराय काले खां, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईओवर तथा एनएच24 के आसपास लगने वाले जाम में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, पूर्व सरकार के दौरान इसके निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी की गई। इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को सौंपी गई है।
दक्षिणी दिल्ली में दूर होगी जाम की समस्या
दक्षिणी दिल्ली के भीड़भाड़ वाले महत्वपूर्ण मार्ग एमबी रोड पर लगभग पांच किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने को दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक में स्वीकृति मिल गई है। इसके अंतर्गत एमबी रोड पर जी ब्लाक से पुल प्रह्लादपुर तक छह लेन की एलिवेटेड कारिडोर के साथ ही दो अंडरपास का निर्माण किया जाना है।

इसके बनने से इस क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या दूर होगी। इस परियोजना पर दो चरणों में काम होगा। इस पर लगभग 1471.14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूरी परियोजना पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) काम करेगा।
डबलडेकर एलिवेटेड कॉरिडोर
पहले चरण के अंतर्गत साकेत जी- ब्लाक से संगम विहार तक डबलडेकर एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इसमें ऊपर मेट्रो चलेगी और नीचे फ्लाईओवर होगा जो वाहनों के लिए निर्धारित होगा। इसकी लंबाई 2.42 किलोमीटर है। इस वर्ष के अंत तक यह निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
दूसरे चरण के अंतर्गत संगम विहार से मां आनंदमाई मार्ग तक करीब ढाई किलोमीटर लंबे छह लेन के इस एलिवेटेड रोड बनेगा। इस भाग में मेट्रो की लाइन भूमिगत हाे जाती है, जिसमें मेट्रो का काम चल रहा है मेट्रो ने ऊपर फ्लाईओवर बनाने के लिए पिलर बनाए हुए हैं।
इस परियोजना में दो अंडरपास भी बनाए जाएंगे, जो साकेत-जी ब्लाक और बीआरटी कारिडोर पर बनेंगे। निर्माण कार्य पूरा होने पर साकेत जी-ब्लाक, आंबेडकर नगर, खानपुर और संगम विहार जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात सुगम हो सकेगा।
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