बस अग्निकांड में 9 मौतों के बाद खौफ में दिल्ली की ट्रैवल एजेंसियां, Raj Kalpana समेत कई दफ्तरों पर जड़ा ताला
राज कल्पना ट्रैवल एजेंसी की बस में आग लगने के बाद संचालक व कर्मचारी कार्यालयों पर ताला लगाकर फरार हो ...और पढ़ें

अक्षरधाम के पास राज कल्पना का बंद बड़ा कार्यालय। जागरण
HighLights
राज कल्पना एजेंसी के मालिक फरार, बस आग के बाद कार्यालय बंद।
अन्य अवैध ट्रैवल एजेंसियों ने भी डर से अपने दफ्तर बंद किए।
यात्रियों को टिकट के पैसे वापस नहीं मिल रहे, मोबाइल भी बंद।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राज कल्पना ट्रैवल एजेंसी की बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के बाद एजेंसी के संचालक व कर्मचारी कार्यालय पर ताला लगाकर फरार हो गए हैं।
अक्षरधाम मंदिर के पास गणेश नगर व पांडव नगर समेत पांच कार्यालय पर हादसे के बाद से ताला लटका हुआ है। इसके अलावा मामला गर्म होता देख इलाके में अवैध रूप से चल रहे अन्य ट्रैवल एजेंसी के कार्यालयों पर भी ताले लग गए हैं।
पांडव नगर में एजेंसी का कार्यालय पिछले पांच वर्ष से एनएच-पर बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि एजेंसी का कार्यालय कभी बंद नहीं हुआ। तीन दिन पहले अचानक से कार्यालय पर ताला लगा दिया। यहां करीब छह कर्मचारी काम करते हैं, किसी ने कुछ नहीं बताया।
टिकट के रुपये वापस नहीं कर रह एजेंसी
मीडिया के जरिये हादसे के बारे में लोगों को पता चला। एजेंसी की बस की टिकट आनलाइन बुक होती है। बस कश्मीरी गेट से होते हुए रिंग रोड से अक्षरधाम के पास आती है। पांडव नगर में एजेंसी ने अपने कार्यालय के बाहर पिकअप प्वाइंट बनाया हुआ है।

यहां से भी सवारी बैठती हैं। हादसे के बाद एजेंसी की बस नहीं चल रही है। जिन लोगों ने पहले से आनलाइन टिकट बुक करवाई हुई है वह एजेंसी के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। आरोप है कि एजेंसी वाला टिकट के रुपये भी वापस नहीं कर रहा है।
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संचालक व कर्मचारियों ने मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया है। वहीं, कार्रवाई के डर से एनएच नौ पर अन्य ट्रेवल एजेंसी संचालकों ने अपने कार्यालय पर भी ताला लगा दिया है। बहाने बना रहे हैं कि वह दूसरी जगह कार्यालय स्थानांतरित कर रहे हैं।

उधर, आनंद विहार बस अड्डे के सामने कई निजी ट्रेवल एजेंसियों के कार्यालय अब भी खुले हैं। यहां यात्रियों द्वारा आफलाइन टिकट बुक कराने का सिलसिला भी जारी है। ऐसे में सवाल है कि हादसे के बाद केवल कार्यालयों पर ताले लगाने से क्या जिम्मेदारी खत्म हो जाती है।
अगर बसों का संचालन जारी है तो उनकी फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कौन कर रहा है। आरोप है कि निजी ट्रेवल एजेंसियों की कुछ बसें अधूरे दस्तावेजों के साथ सड़कों पर दौड़ रही हैं। हादसे के बाद भी यदि संबंधित विभागों ने व्यापक जांच नहीं की तो भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होने का खतरा बना रहेगा।
निजी बसों के हर दिन कटे 250 से अधिक चालान
सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन निजी बसों द्वारा जमकर किया जा रहा है। इस वर्ष मैनुअल रूप से 44,484 निजी बसों के चालान काटे गए और कैमरों से 29,481 चालान जारी किए गए। जबकि बीते वर्ष मैनुअल रूप से 36,452 और कैमरों से 34,999 चालान जारी किए गए।
वाहन संबंधी उल्लंघन आंकड़े (24 सितंबर तक)
| उल्लंघन का प्रकार | वर्ष 2025 | वर्ष 2026 |
|---|---|---|
| गलत पार्किंग | 9,917 | 21,361 |
| पर्मिट उल्लंघन | 9,957 | 8,506 |
| आरसी उल्लंघन | 4,139 | 3,691 |
| खतरनाक ड्राइविंग | 1,074 | 1,088 |
| कानूनी निर्देशों का पालन न करना | 379 | 797 |
| बिना पीयूसीसी | 532 | 258 |
| शराब पीकर वाहन चलाना | 46 | 23 |
| नंबर प्लेट छिपाकर वाहन चलाना | 383 | 248 |
(आंकड़े 24 सितंबर तक के हैं)
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