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कांग्रेस की महारैली पर पड़ेगा 'विंटर एक्शन प्लान' का असर? दिल्ली में 1 नवंबर से BS-6 से नीचे की गाड़ियों पर रोक

Published: Thu, 29 Oct 2026 07:59 AM (IST)

दिल्ली में 1 नवंबर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए BS-6 से नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध लग जाएगा। इससे रामलीला ...और पढ़ें

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वैकल्पिक वाहनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वैकल्पिक वाहनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

HighLights

  1. 1 नवंबर से दिल्ली में BS-6 से नीचे की गाड़ियों पर प्रतिबंध

  2. कांग्रेस की महारैली में आने वाले कार्यकर्ताओं को होगी दिक्कत

  3. सीमाओं पर 39 एन्फोर्समेंट टीमें वाहनों की जांच करेंगी

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आगामी एक नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली कांग्रेस और 'आईएनडीआईए' गठबंधन की महारैली में शामिल होने आने वाले कार्यकर्ताओं को संभवत: परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।

1 नवंबर से बीएस-6 से नीचे की गाड़ियों पर प्रतिबंध

दरअसल एक नवंबर से ही दिल्ली में प्रदूषण रोधी नियमों के तहत 'विंटर एक्शन प्लान' लागू हो रहा है। इसके चलते, बीएस-छह मानकों को पूरा न करने वाली गाड़ियों को दिल्ली की सीमाओं पर ही रोका जा सकता है, जिससे कार्यकर्ताओं को वैकल्पिक वाहनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

24 घंटे सीमाओं पर रखी जाएगी नजर 

दिल्ली की सभी सीमाओं पर एक नवंबर की सुबह से ही भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी जाएगी। 24 घंटे सीमाओं पर नजर रखी जाएगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की कोशिश होगी कि बाहरी राज्यों के आरटीओ कार्यालय से पंजीकृत बीएस छह से नीचे के किसी भी वाहन को दिल्ली में प्रवेश करने न दिया जाए।

सीमाओं और टोल प्लाजा पर 39 एन्फोर्समेंट टीम तैनात

दिल्ली सरकार के शीतकालीन कार्य योजना के तहत एक नवंबर से राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के सख्त नियम प्रभावी हो जाएंगे। गैर-बीएस छह श्रेणी के वाहनों का प्रवेश 28 फरवरी 2027 तक प्रतिबंधित रहेगा। दिल्ली परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने सीमाओं और टोल प्लाजा पर 39 एन्फोर्समेंट टीमों को तैनात किया है।

किस तरह की गाड़ियों पर लगेगी पाबंदी

पुलिस अधिकारी का कहना है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश से कार्यकर्ताओं को लाने वाली अधिकतर बसें व चार-पहिया वाहन बीएस तीन या चार मानकों के हो सकते हैं। ऐसे में उक्त गाड़ियों को ढील नहीं दी जाएगी।

कितनी भीड़ जुटने का हो रहा एलान

बसों और अन्य वाहनों को सीमावर्ती राज्याें में पार्क करने होंगे। कांग्रेस और विपक्षी दलों की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' व 'दिल्ली चलो' महारैली में करीब 60 से 70 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस की लगातार बैठकें चल रहीं

कुछ ट्रांसपोर्टरों ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा है कि दिल्ली से 250-300 किलोमीटर के दायरे से आने वाले अधिकतर कार्यकर्ता बसों, टेम्पो और निजी गाड़ियों से पहुंचेंगे। प्रतिबंध लागू होने के बाद वे रामलीला मैदान में कैसे पहुंचेंगे। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की लगातार बैठकें चल रही हैं।

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