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दिल्ली में महिला सुरक्षा में बड़ी पहल: सड़कों पर उतरेंगी महिला पुलिसकर्मी, थमेगी अपराधों की रफ्तार

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:56 PM (IST)

महिलाओं से संबंधित बढ़ते अपराधों को देखते हुए, दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त ने महिला सुरक्षा पर गंभीर चिंता ...और पढ़ें

महिला सुरक्षा को लेकर एलजी संधू ने महिला पुलिसकर्मियों को सड़कों पर उतरने के दिए निर्देश। (एआई जेनरेटेड इमेज)

महिला सुरक्षा को लेकर एलजी संधू ने महिला पुलिसकर्मियों को सड़कों पर उतरने के दिए निर्देश। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. महिला पुलिसकर्मी सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर गश्त करेंगी।

  2. सभी छह रेंज में एक-एक महिला थाना खोलने के निर्देश दिए गए।

  3. डार्क स्पॉट, खराब स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरों को ठीक किया जाएगा।

राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। महिलाओं से संबंधित अपराध के बढ़ते मामले को देखते हुए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने गंभीर चिंता जाहिर की है। मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में एलजी के साथ कई मसले पर चर्चा के बाद पुलिस आयुक्त ने सभी 15 जिले के डीसीपी को अपने-अपने जिले के पार्कों, मेट्रो स्टेशनों, बाजारों, स्कूल-कॉलेजों और उन सभी जगहों पर महिला पुलिसकर्मियों से गश्त कराने के निर्देश दिए जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक होती है।

इसके बाद शाम करीब आठ बजे आयुक्त ने कालकाजी स्थित घटनास्थल (डीडीए पार्क) का दौरा किया जहां पुलिसकर्मी बनकर तीन युवकों ने किशोरी को हवस का शिकार बनाया। तमाम परिस्थितियों को जानने के बाद आयुक्त ने बुधवार को मुख्यालय में दोनों जोन के विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था देवेश चंद्र श्रीवास्तव व नीरज ठाकुर सहित महिला एवं बाल सुरक्षा के विशेष आयुक्त विवेक किशोर के साथ महिला सुरक्षा के मसले पर घंटों चर्चा की और अहम फैसले लिए।

अधिकारियों के कार्यालयों में भी बड़ी संख्या में महिलाकर्मी ड्यूटी

इस दौरान आयुक्त ने सुझाव दिया कि मुख्यालय में तमाम अधिकारियों के कार्यालयों में ड्यूटी करने वाली महिला कर्मियों का इस्तेमाल फील्ड ड्यूटी में किया जाए। थानों, यूनिटों, रेंज व जिले में बैठने वाले अधिकारियों के कार्यालयों में भी बड़ी संख्या में महिलाकर्मी ड्यूटी करती हैं, थानों में ड्यूटी आफिसर भी महिलाकर्मी होती हैं जिन्हें कम किया जा सकता है।

आयुक्त का मानना है कि जब पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या कम है तो ऐसी परिस्थिति में कार्यालयों में ड्यूटी करने वाली महिला कर्मियों से सड़कों, बाजारों, स्कूल-कालेजों व महिला अपराध के संभावित इलाकों में गश्त कराई जाए। महिला कर्मियों की सड़कों पर मुस्तैदी बढने पर महिलाओं से संबंधित अपराध पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। पीड़ित महिलाएं तुरंत महिला पुलिस से अपनी शिकायतें कर सकेंगी।

एक-एक महिला थाना खोलने के लिए जगह का चयन करने के निर्देश

अबतक केवल उत्तरी जिले में एक महिला थाना है। आयुक्त ने अधिकारियों से फिलहाल सभी छह रेंज में एक-एक महिला थाना खोलने के लिए जगह का चयन करने के निर्देश दिए। अभी कुछ जिलों में 15 महिला पीसीआर चल रही हैं। इसकी भी संख्या बढ़ाकर हर जिले में करने के निर्देश दिए गए। स्कूटी से महिला कर्मियों द्वारा गश्त करने की सुविधा भी चंद जिले में ही है इसको लेकर भी सभी जिले में यह सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया।

मंगलवार को घटनास्थल का दौरा करने के दौरान आयुक्त ने पाया कि वारदात स्थल के आसपास अंधेरा था, सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इस तरह की खामियां के बाद आयुक्त ने बुधवार को कई दिशा निर्देश जारी किए, जिनमें डार्क स्पॉट, खराब पड़े स्ट्रीट लाइटें और पार्कों के आसपास बंद पड़े सीसीटीवी कैमरे की पहचान करने, पार्कों की टूटी दीवारों, गेटों के बारे में सिविक एजेंसियों को सूचित करने, बीट स्टाफ और सुरक्षा गार्डों की पार्कों में तैनाती जेबकतरों व अपराधियों के पार्कों में प्रवेश पर पाबंदी और पार्कों में फिर से साइकिल गश्त शुरू करने के निर्देश दिए।

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