कांग्रेस की महारैली के विरोध के बीच चांदनी चौक में आज BJP की पदयात्रा क्यों? व्यापारियों के घाटे पर छिड़ी नई बहस
कांग्रेस की महारैली के विरोध के बीच भाजपा ने चांदनी चौक में 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा निकाली है। इससे दीपावली से ...और पढ़ें

दिल्ली के चांदनी चौक में मंगलवार दोपहर होने वाली पदयात्रा को लेकर व्यापारियों ने उठाए सवाल। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
भाजपा की पदयात्रा चांदनी चौक में, कांग्रेस रैली का विरोध।
व्यापारियों को दीपावली कारोबार में भारी नुकसान की आशंका।
राजनीतिक कार्यक्रमों से व्यापार प्रभावित होने पर नई बहस।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी की एक नवंबर को प्रस्तावित महारैली से पहले भाजपा की ओर से दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक में बुधवार दोपहर निकाली जाने वाली 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा ने व्यापारी सियासत को नया मोड़ दे दिया है। यह पदयात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दीपावली के ठीक पहले कांग्रेस की महारैली को लेकर दिल्ली भर के व्यापारियों में गहरा आक्रोश और नाराजगी है।
रामलीला मैदान की रैली से व्यापारी चिंतित
व्यापारियों का कहना है कि रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली से यातायात व्यवस्था चरमरा जाएगी और खरीदारी का माहौल बिगड़ जाएगा। उनका अनुमान है कि वर्ष भर के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी त्योहार में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो सकता है। थोक बाजारों के आसपास रैली होने से व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होंगी।
करीब 5000 लोगों की उमड़ेगी भीड़
उधर, भाजपा नेताओं का दावा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में होने वाली आज की पदयात्रा में पांच हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल होने वाले हैं। जो दोपहर दो बजे लाल किले से शुरू होकर टाउन हाल तक निकाली जाएगी। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा समेत कई सांसद और केंद्रीय नेता भी शामिल हो सकते हैं।
भाजपा पर भी व्यापारियों ने उठाया सवाल
भाजपा का तर्क है कि उसकी पदयात्रा लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के खिलाफ है, क्योंकि पूर्व में भी अराजकता के माध्यम से दिल्ली के व्यापार और लोगो को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। अब कांग्रेस पार्टी की महारैली से व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होंगी।
जबकि, कांग्रेस पार्टी ने पदयात्रा को लेकर अब पलटवार किया है कि भाजपा खुद त्योहारी सीजन में चांदनी चौक जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कार्यक्रम कर व्यापारियों के हितों की अनदेखी कर रही है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार मीडिया विभाग के चेयरमैन व चांदनी चौक वार्ड के पूर्व निगम प्रत्याशी राहुल शर्मा ने भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया है।
क्या पैदल मार्च से प्रभावित नहीं होगा कारोबार?
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता कांग्रेस की महारैली का विरोध यह कहकर कर रहे हैं कि त्योहारों के मौसम में इससे व्यापारियों को नुकसान होगा। लेकिन करवाचौथ जैसे महत्वपूर्ण त्योहार की पूर्व संध्या पर चांदनी चौक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में पैदल मार्च से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित नहीं होगा?
'केवल राजनीतिक विरोध सही नहीं'
राहुल शर्मा ने सांसद प्रवीन खंडेलवाल और व्यापारी नेता बृजेश गोयल से सवाल किया कि जब कांग्रेस की रैली को व्यापारियों के नुकसान से जोड़कर विरोध किया जा रहा है तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्च को लेकर वे अपनी चिंता क्यों नहीं जता रहे।
उन्होंने कहा कि चांदनी चौक दिल्ली का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है और त्योहारों के समय यहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।
ऐसे में किसी भी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम का यातायात और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। व्यापारियों के हितों की चिंता केवल राजनीतिक विरोध के समय नहीं बल्कि हर परिस्थिति में होनी चाहिए।
दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच दिल्ली के व्यापारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। उनकी अपील है कि दिल्ली में छिड़े इस सियासी जंग में उनके कारोबार और दीपावली की तैयारियों को नुकसान न पहुंचे।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखी चिट्ठी
यह तब है जब, व्यापारिक संगठनों ने एक बार फिर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर महारैली स्थगित करने या उसे रामलीला मैदान से हटाकर बुराड़ी या जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में स्थानांतरित करने की अपील की है।
व्यापारियों का कहना है कि रैली की अनिश्चितता के कारण बाजारों में खरीदारी का माहौल पहले ही प्रभावित हो चुका है। रेहड़ी-पटरी वालों के संगठनों ने भी व्यापारियों का समर्थन करते हुए चिंता जताई है कि त्योहारी सीजन में उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होगी।
भाजपा बता रही लोकतांत्रिक अधिकार
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि अगर कांग्रेस रैली को स्थगित या स्थानांतरित नहीं किया गया तो बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ेगी। वहीं भाजपा पदयात्रा को अपना लोकतांत्रिक अधिकार बता रही है। दिल्ली की सियासत एक बार फिर व्यापारियों की चिंताओं और राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच फंस गई है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने क्या कहा?
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर भाजपा की प्रस्तावित 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा' का विरोध करने पर निशाना साधा है। लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन अराजकता फैलाने का नहीं। जिन लोगों ने कभी छात्रों के नाम पर तो कभी चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली की सड़कों को जाम किया और व्यापारियों व आम जनता को परेशान किया, वे अब दो घंटे की सांकेतिक पदयात्रा का विरोध कर रहे हैं। यह पाखंड है। भाजपा की पदयात्रा संविधान के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जाएगी।
हर्ष मल्होत्रा, अध्यक्ष, दिल्ली, भाजपा।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में कांग्रेस की महारैली से पहले BJP निकालेगी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा; नितिन नवीन का एलान
