विधानसभा में 'फांसी-घर' विवाद: केजरीवाल सहित AAP नेताओं को विशेषाधिकार समिति की चेतावनी
दिल्ली विधानसभा ने विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के नेताओं को 'फांसी-घर' मामले में चेतावनी जारी की है।
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पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के नेताओं को 'फांसी-घर' मामले में चेतावनी। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने फांसी-घर मामले को लेकर मामले में दो बार बुलाए जाने पर पेश न होने की विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष पदुम्न राजपूत द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को चेतावनी जारी की।
इस मामले पर सदन में लाए गए भाजपा विधायक जितेंद्र महाजन के प्रस्ताव पर बहस हुई। महाजन ने समिति के समक्ष पेश होने न होने को अवमानना मानकर केजरीवाल और आप के अन्य नेताओं को चेतावनी जारी करने की सिफारिश की। भाजपा के विधायक राजकुमार भाटिया ने प्रस्ताव का समर्थन किया और अंततः इसे सदन में ध्वनिमत के जरिए पारित कर दिया गया।
केजरीवाल ने तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और उपाध्यक्ष राखी बिरला की मौजूदगी में नौ अगस्त 2022 को विधानसभा में फांसी-घर का उद्घाटन किया था।
पिछले साल फरवरी में दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी देने वाली जगह के बजाय टिफिन रूम बताया। इसके बाद मामले को विशेषाधिकार समिति के पास जांच के लिए भेजा गया।
समिति ने केजरीवाल और आप के अन्य नेताओं को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने शुरू में पेश नहीं होकर अवमानना की। हालांकि, इस महीने के शुरुआत में केजरीवाल, गोयल व बिरला समेत आप के अन्य नेता समिति के समक्ष पेश हुए।
विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि नियमों के तहत समिति के पास अवमानना के लिए जेल की सजा देने का अधिकार है, लेकिन समिति ने उचित कार्रवाई करते हुए दंड को केवल चेतावनी तक सीमित रखा है।
लोक लेखा समिति के सुझाव सदन ने स्वीकार किए
दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति द्वारा प्रस्तुत किए गए तीन रिपोर्टों के निष्कर्ष को सदन ने स्वीकार कर लिया है। इनमें आबकारी नीति मामला घोटाला, स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण से संबंधित कैग रिपोर्ट के निष्कर्ष शामिल हैं। गत विधानसभा सत्र में आप सरकार के समय की ये तीनों रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की गई थीं। जिसके बाद सदन ने इन रिपोर्ट पर अपने निष्कर्ष देने के लिए लोक लेखा समिति को अंतिम जांच के लिए भेज दिया था।
लोक लेखा समिति के अध्यक्ष अजय महावर ने बताया कि समिति ने तीनों मामलों में अपने सुझाव दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो, उसको लेकर भी सुझाव दिए गए हैं। पूर्व में हुए घोटाले पर भी समिति ने कार्रवाई के लिए सदन को अपने निष्कर्ष दिए हैं। जिसको सदन में स्वीकार कर लिया है। अब आगे कार्रवाई सदन द्वारा तय की जाएगी। इस उन्होंने बताया कि आबकारी मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री पर कई गंभीर आरोप हैं।
दिल्ली विधानसभा में सदन में प्रस्तुत की गईं कैग की सभी छह रिपोर्ट को जांच के लिए लोक लेखा समिति के पास जांच के लिए भेज दिया है। इनमें जल बोर्ड सहित अन्य रिपोर्ट भी शामिल है। समिति जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
