दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति का समन: पंजाब के ACS, DGP और जालंधर CP 27 फरवरी को तलब
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी और जालंधर के पुलिस आयुक्त को 27 ...और पढ़ें

दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने किया तलब।

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। विशेषाधिकार हनन की चल रही कार्यवाही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जालंधर के पुलिस आयुक्त को औपचारिक समन जारी किया है। समिति ने इन अधिकारियों को आगामी 27 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
समिति ने दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष से संबंधित कथित टिप्पणियों के विशेषाधिकार मामले पर विचार-विमर्श करने के लिए आगामी 27 फरवरी 2026 को अपनी बैठक निर्धारित की है। सचिवालय द्वारा उक्त अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत लिखित जवाबों को रिकार्ड पर ले लिया गया है, जिनका समिति बैठक के दौरान बारीकी से परीक्षण करेगी। सचिवालय द्वारा गत 13 फरवरी के पत्र में पहले ही स्पष्ट किया गया है कि विशेषाधिकार के मामले संबंधित व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत होते हैं और इनका उत्तर व्यक्तिगत क्षमता में ही दिया जाना आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि समिति ने इससे पहले इन अधिकारियों को गत 20 फरवरी तक अपना लिखित उत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसे समिति द्वारा मांगी गई सामग्री और टिप्पणियां प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर माना गया था। समिति ने विशेष रूप से कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ जालंधर में दर्ज हुई एफआईआर का आधार बनने वाली मूल शिकायत की प्रतियां, एफआइआर और पंजाब के अधिकारियों द्वारा तैयार की गई प्रासंगिक तकनीकी और फोरेंसिक रिपोर्ट मांगी थी।
इसके अतिरिक्त विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष ने संज्ञान लिया है कि पंजाब सरकार के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) की राय दिल्ली विधानसभा द्वारा उठाए गए सरोकारों को पूरी तरह से संबोधित नहीं करती है, हालांकि मामले की जांच के दौरान समिति इस पर विचार करेगी। एडवोकेट जनरल की राय की पूर्ण प्रति 27 फरवरी तक मांगी गई है।
