Atishi Controversy: दिल्ली विधानसभा का सख्त रुख, पंजाब के शीर्ष अफसरों को 20 फरवरी तक लिखित जवाब का अल्टीमेटम
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी और जालंधर पुलिस आयुक्त को नेता ...और पढ़ें

दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आतिशी से संबंधित टिप्पणी पर पंजाब पुलिस से मांगा जवाब। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), पंजाब तथा पुलिस आयुक्त, जालंधर को निर्देश दिया है कि वे विपक्ष की नेता आतिशी से संबंधित कथित टिप्पणियों के मामले में अपना लिखित उत्तर 20 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
समिति ने स्पष्ट किया है कि यह तिथि अंतिम अवसर के रूप में मानी जाएगी और इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
संबंधित दस्तावेज भी मांगे
समिति ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब सरकार से इस प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे हैं। इनमें शिकायत की प्रति एवं उसके संलग्नक, जिनके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई, एफआईआर की प्रति, पंजाब पुलिस के सोशल मीडिया विशेषज्ञ (टेक्निकल सेल) की रिपोर्ट तथा पंजाब की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट शामिल हैं।
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समिति ने निर्देश दिया है कि सभी जवाब और दस्तावेज निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत किए जाएँ, ताकि प्रक्रिया एवं कार्यसंचालन नियमों के अनुसार उन पर विचार किया जा सके। समय पर जानकारी उपलब्ध न कराने की स्थिति में इसे विशेषाधिकार हनन एवं अवमानना के रूप में देखा जा सकता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी 2026 को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब सरकार के कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि 5 फरवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए पत्र से पूर्व इस मामले में कोई प्रत्यक्ष संप्रेषण प्राप्त नहीं हुआ था।
पत्र में यह भी बताया गया कि डीजीपी पंजाब, पुलिस आयुक्त जालंधर तथा निदेशक, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पंजाब की टिप्पणियां दिल्ली के संबंधित कार्यालयों को अग्रेषित कर दी गई हैं।
साथ ही, एक विस्तृत और समेकित औपचारिक उत्तर तैयार किया जा रहा है, जिसे सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है।
अवमानना की शिकायत से संबंधित है मामला
यह मामला सदन के पटल पर दिए गए वक्तव्यों तथा उसके पश्चात पंजाब पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के संदर्भ में विशेषाधिकार हनन और अवमानना की शिकायतों से संबंधित है।
विशेषाधिकार समिति वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है, जिसमें संबंधित अधिकारियों के आचरण तथा दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा मांगी गई सूचनाओं और पत्राचार के निपटान की प्रक्रिया भी शामिल है।
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