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दिल्ली में 20000 से ज्यादा फोरेंसिक रिपोर्ट लंबित, अब शेख सराय में बनेगी नई FSL; 151 करोड़ रुपये मंजूर

Published: Sat, 12 Sep 2026 07:00 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने रोहिणी एफएसएल पर बढ़ते बोझ को कम करने और आपराधिक मामलों में न्याय में तेजी लाने के ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. रोहिणी एफएसएल पर बोझ कम करने को नई लैब।

  2. शेख सराय में 151.81 करोड़ रुपये से बनेगी अत्याधुनिक एफएसएल।

  3. दो वर्ष में निर्माण पूरा होगा, न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। रोहिणी स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) पर बोझ अधिक होने से समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। इस कारण आपराधिक मामलों में लोगों को न्याय मिलने में विलंब होता है।

इसके समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने शेख सराय में अत्याधुनिक क्षेत्रीय एफएसएल बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इस परियोजना के लिए 151.81 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई है।

एक मात्र रोहिणी स्थित एफएसएल में प्रति माह लगभग दो हजार मामले पहुंचते हैं। बोझ अधिक होने के कारण यहां 20,000 से अधिक फोरेंसिक रिपोर्ट लंबित हैं। सबसे अधिक लंबित मामले साइबर अपराध से संबंधित हैं।

समय पर न्याय मिलने की चुनौती

समय पर वैज्ञानिक जांच नहीं होने से रक्त, लार या बाल जैसे जैविक नमूनों को भी नुकसान पहुंचता है। इससे गलत परिणाम आने या महत्वपूर्ण साक्ष्य के पूरी तरह नष्ट हो जाने का खतरा बढ़ जाता है। फोरेंसिक रिपोर्ट में देरी समय पर न्याय सुनिश्चित करने में बड़ी बाधा है।

फोरेंसिक साक्ष्य के बिना, अदालती मामले अक्सर वर्षों तक खिंचते रहते हैं। पीड़ित और उनके परिवार लंबे समय तक अनिश्चितता का सामना करने के लिए मजबूर होते हैं और आरोपित या तो जमानत पर बाहर या जेल में सड़ते रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को शेख सराय में एफएसएल का निर्माण कार्य दो वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य दिया है। 6,300 वर्गमीटर के भूखंड पर इसका निर्माण होगा। इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से गृह विभाग और दिल्ली पुलिस को नए आपराधिक कानूनों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम से आपराधिक मामलों में फोरेंसिक जांच की मांग में काफी वृद्धि हुई है। नई क्षेत्रीय एफएसएल इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में सहायता करेगी।

इससे आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक जांच के लिए आवश्यक क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

साक्ष्य आधारित जांच को मजबूती

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नई क्षेत्रीय एफएसएल बनने से आपराधिक मामलों से जुड़े साक्ष्यों की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का काम अधिक तेज और सुगम हो जाएगा। नई सुविधा से साक्ष्य आधारित जांच को मजबूती मिलेगी।

इससे आपराधिक मामलों को न्यायालयों में समय पर निपटाने में सहायता मिलेगी। इसका विशेष लाभ दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली के जिलों को मिलेगा।

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