दिल्ली में 26-27 सितंबर को सजेगा पर्यटन का रंग, बांसेरा में छह थीम जोन; देशभर की कला-खानपान से होगा दीदार
विश्व पर्यटन दिवस पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) 26 और 27 सितंबर को बांसेरा में दो दिवसीय उत्सव आयोजित करेगा। ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
विश्व पर्यटन दिवस पर बांसेरा में दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव।
उत्सव में छह थीम जोन भारतीय कला, संस्कृति और खानपान दिखाएंगे।
लोक नृत्य, संगीत, जादू और पारंपरिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित होंगे।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। विश्व पर्यटन दिवस पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) बांसेरा में दिल्ली वासियों को देश की कला, संस्कृति, खानपान और पारंपरिक मनोरंजन से रूबरू कराने की तैयारी में है। 26 और 27 सितंबर को होने वाले दो दिवसीय उत्सव के लिए डीडीए ने आयोजन एजेंसी नियुक्त करने को टेंडर जारी किया है।
इस उत्सव में बांसेरा को अलग- अलग थीम वाले छह जोन में बांटा जाएगा। इनमें हुनर गली, यादों की गली, बचपन की दुकान, चिट्ठी घर, खाओ गली-भारत के जायके और मस्ती का अड्डा शामिल हैं।
यहां हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, बच्चों से जुड़ी गतिविधियां, पुराने दौर की यादें, खानपान और मनोरंजन को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। इन जोन की डिजाइन से लेकर स्टाल, कलाकार, कारीगर, उपकरण, सजावट और संचालन की जिम्मेदारी आयोजन एजेंसी की होगी।
मंच पर लगातार चलता रहेगा कार्यक्रम
मुख्य मंच पर दोनों दिन लगातार कार्यक्रम होंगे। लोकनृत्य, संगीत, जादू, क्षेत्रीय एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ लोगों की भागीदारी वाली गतिविधियां, खेल और फिटनेस कार्यक्रम भी कराए जाएंगे। आयोजन में पेशेवर गायक और विभिन्न सांस्कृतिक समूहों की प्रस्तुतियां भी प्रस्तावित हैं।
डीडीए ने पूरे परिसर को भारतीय पर्यटन, पारंपरिक कला-शिल्प, संस्कृति और देश की क्षेत्रीय विविधता के अनुरूप सजाने की शर्त रखी है। यानी आयोजन सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बांसेरा में आने वाले लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति और खानपान का अनुभव देने की योजना है।
कमाई की भी गुंजाइश, डीडीए की मंजूरी जरूरी
टेंडर में खानपान, गतिविधियों और अन्य राजस्व देने वाले क्षेत्रों से शुल्क लेने की भी व्यवस्था रखी गई है। हालांकि इसके लिए डीडीए की पूर्व अनुमति जरूरी होगी। आयोजक एजेंसी को होने वाली आय का सत्यापन योग्य रिकार्ड भी रखना होगा।
पूरी व्यवस्था एजेंसी के जिम्मे
आयोजक एजेंसी को ही कलाकारों, खानपान, यात्रा, ठहरने, स्थानीय परिवहन, मंच, साज-सज्जा, बिजली, सुरक्षा, बैरिकेडिंग, भीड़ और कतार प्रबंधन, साफ-सफाई तथा कचरा प्रबंधन समेत जरूरी व्यवस्थाएं करनी होंगी।
टेंडर में आयोजन की कुल अनुमानित लागत का उल्लेख नहीं है। एजेंसी को पूरे काम के लिए एकमुश्त दर देनी होगी। तकनीकी मूल्यांकन में कार्यक्रम की गुणवत्ता, सांस्कृतिक विविधता, लोगों की भागीदारी, थीम और प्रचार-प्रसार को अंक दिए जाएंगे। निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है।
