दिल्ली मास्टर प्लान 2047 कैसे होगा लागू? LG के निर्देश पर DDA ने रखा ये अहम लक्ष्य
डीडीए उपराज्यपाल के निर्देश पर दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श बैठकें आयोजित कर रहा है।

दिल्ली मास्टर प्लान 2047। AI जनरेटेड
HighLights
डीडीए दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के क्रियान्वयन पर बैठकें कर रहा है।
उपराज्यपाल के निर्देश पर प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
सांसद, विधायक, सरकारी विभाग और एजेंसियां परामर्श में शामिल हैं।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में किए गए प्रविधानों की जानकारी देने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सरकारी विभागों, एजेंसियों के साथ बैठक आयोजित कर रहा है।
इसका उद्देश्य इस मास्टर प्लान के क्रियान्वयन को प्रभावी बनाना है। तीन माह में 20 बैठकें आयोजित करने का लक्ष्य है। इसी कड़ी में पहला परामर्श बैठक संसद सदस्यों और दिल्ली विधानसभा के सदस्यों के साथ की गई।
एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया
वहीं, दूसरी बैठक में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी), दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी), दिल्ली पुलिस और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआइबी) सहित विभिन्न सरकारी हितधारकों और सेवा प्रदाता एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), विद्युत विभाग, भूमि और भवन विभाग, अग्निशमन विभाग और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (आइ एंड एफसी) विभाग, वन विभाग सहित दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आइजीएल), नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) और इंस्टीट्यूट आफ टाउन प्लानर्स, इंडिया (आइटीपीआइ) सहित अन्य सरकारी एजेंसियों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
वहीं, तीसरी हितधारक बैठक संरक्षण निकायों, विरासत संरक्षण में कार्यरत वास्तुकारों, दिल्ली पर्यटन, एएसआइ, एसपीए, इंटैक, पुरातत्व विभाग, इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आइवीपीएन), एमसीडी, डीयूएसी, दिल्ली अग्निशमन सेवा, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के साथ आयोजित की गई।
इन बैठकों के दौरान, डीडीए ने एमपीडी 2047 के प्रमुख प्रविधानों की जानकारी देने के साथ ही इसके कार्यान्वयन और समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। हितधारकों ने एमपीडी 2047 के कार्यान्वयन और अंतर-विभागीय समन्वय से संबंधित अपने विचार, सुझाव और प्रतिक्रिया साझा की।
20 बैठकें आयोजित करने की योजना
यह परामर्श डीडीए द्वारा किए जा रहे व्यापक हितधारक जुड़ाव अभ्यास का हिस्सा है। तीन महीने की अवधि में ऐसी लगभग 20 बैठकें आयोजित करने की योजना है। चल रहे परामर्शों में सरकारी एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं, उद्योग निकायों, वास्तुकारों और योजनाकारों, निवासी और समूह आवास प्रतिनिधियों, किसानों और भूमि मालिकों, बाजार और व्यापार संघों, संरक्षण निकायों, परिवहन एजेंसियों तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारक समूह शामिल हैं।
विषयगत परामर्श एमपीडी 2047 के तहत मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करेंगे, जिसमें भूमि पूलिंग, समूह आवास का पुनर्विकास, कम घनत्व वाले क्षेत्र, यमुना और ब्लू-ग्रीन ज़ोन, विरासत संरक्षण, मिश्रित-उपयोग और वाणिज्यिक क्षेत्र, इन-सिटू झुग्गी पुनर्विकास, भीड़ कम करना, और शिक्षा तथा चिकित्सा केंद्रों का विकास शामिल है।
