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CPCB का बड़ा फैसला: ज्यादा कचरा पैदा करने वालों का पंजीकरण अनिवार्य, 1,000 से 10,000 रुपये तक लगेगा शुल्क

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:18 PM (IST)

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने घरों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले ठोस कचरे के प्रबंधन के लिए पंजीकरण शुल्क का ढांचा तय किया है।

सीपीसीबी ने ठोस कचरा प्रबंधन के लिए पंजीकरण शुल्क का ढांचा तया किया।

सीपीसीबी ने ठोस कचरा प्रबंधन के लिए पंजीकरण शुल्क का ढांचा तया किया।

HighLights

  1. सीपीसीबी ने थोक कचरा उत्पादकों के लिए पंजीकरण शुल्क तय किया।

  2. आवासीय, संस्थागत, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा।

  3. कचरे की मात्रा अनुसार 1,000 से 10,000 रुपये तक शुल्क।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। घरों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से बड़ी मात्रा में निकलने वाले ठोस कचरे के प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पंजीकरण शुल्क का ढांचा तय किया है। इसका क्रियान्वयन अब दिल्ली और एनसीआर सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुनिश्चित करना है।

इसके तहत ज्यादा कचरा पैदा करने वाली आवासीय सोसायटियों, संस्थानों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को केंद्रीय आनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। कचरे की मात्रा और श्रेणी के आधार पर एकमुश्त पंजीकरण शुल्क 1,000 से 10,000 रुपये तक रखा गया है।

सीपीसीबी द्वारा सितंबर 2026 में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 20 हजार वर्गमीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन, रोज 40 हजार लीटर या अधिक पानी का इस्तेमाल करने वाले प्रतिष्ठान या प्रतिदिन 100 किग्रा या इससे अधिक ठोस कचरा पैदा करने वाले संस्थान थोक कचरा उत्पादक की श्रेणी में आएंगे।

इसमें सरकारी व निजी संस्थान, स्कूल-कालेज, अस्पताल, होटल, माल, औद्योगिक इकाइयां, बाजार, स्टेडियम, सामुदायिक और विवाह भवन के साथ- साथ ही आवासीय सोसायटियां भी शामिल हैं।

सीपीसीबी के मुताबिक पंजीकरण के बाद इन संस्थाओं को हर साल 30 जून तक वार्षिक विवरण भी आनलाइन जमा करना होगा। वार्षिक विवरण जमा करने के समय पंजीकरण शुल्क का 25 प्रतिशत वार्षिक प्रसंस्करण शुल्क के रूप में देना होगा। पंजीकरण और वार्षिक शुल्क का आधा हिस्सा सीपीसीबी व आधा संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या प्रदूषण नियंत्रण समिति को मिलेगा।

अधिकारियों के मुताबिक नई व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ पंजीकरण कराना नहीं, बल्कि बड़े कचरा उत्पादकों से निकलने वाले कचरे का आंकड़ा तैयार करना और उसके प्रबंधन की निगरानी करना है।

सीपीसीबी के केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकरण, वार्षिक विवरण, कचरा प्रबंधन गतिविधियों और नियमों के पालन की निगरानी की जाएगी। नियमों के मुताबिक पंजीकरण नहीं कराने, शुल्क नहीं देने या वार्षिक विवरण दाखिल नहीं करने पर कार्रवाई की जा सकती है।

कचरे की मात्रा के हिसाब से शुल्क

प्रतिदिन कचरा आवासीय संस्थागत व्यावसायिक
500 किलो से कम 1,000 1,500 2,000
500 किलो से 2 टन 2,500 3,750 5,000
2 टन से अधिक 5,000 7,500 10,000

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