जंतर-मंतर पर Gen-Z आंदोलन की रीढ़ बने ये 7 चेहरे... किसने संभाली रणनीति, मीडिया और कानूनी मोर्चा?
काकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन इंटरनेट मीडिया से शुरू होकर जमीन पर उतरा, जिसे पहला जेन-जी केंद्रित आंदोलन माना ...और पढ़ें

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद जंतर मंतर स्थित धरना स्थल के मंच से लोगों को संबोधित करते सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके। जागरण
HighLights
CJP आंदोलन पहला जेन-जी केंद्रित आंदोलन बना।
युवाओं के नेतृत्व में इंटरनेट मीडिया से जमीन तक पहुंचा।
सात प्रमुख चेहरों की टीम ने रणनीति बनाई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। इंटरनेट मीडिया से जन्म लेकर जमीन पर धरना देकर अपनी मांगें मनवाने वाला काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का पहला जेन-जी केंद्रित आंदोलन माना जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व युवाओं के हाथ में था।
हालांकि धरने में युवाओं की संख्या अधिक थी, लेकिन इसमें सभी आयु वर्ग के लोगों ने भागीदारी की। इस आंदोलन को इंटरनेट मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक पहुंचाने में एक ऐसी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो मंच और पर्दे के पीछे रहकर लगातार काम कर रही थी।
इस टीम ने युवाओं की नब्ज पकड़ते हुए मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया और आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने में सफलता हासिल की। इसमें पत्रकारों, पूर्व पुलिस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और छात्र नेताओं की अहम भूमिका रही, जो दिन-रात संगठन और रणनीति में जुटे रहे।

ये चेहरे बने आंदोलन के सूत्रधार
अभिजीत दीपके जहां आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने हुए थे, वहीं दीपांगी रणनीति तैयार करने में जुटी थीं। दीपांगी की तरह कई अन्य युवा भी अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे।
वैष्णवी: दिल्ली निवासी वैष्णवी सीजेपी में प्रवक्ता के तौर पर कार्य कर रही हैं। वह पब्लिक पालिसी के क्षेत्र के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों तथा विभिन्न शोध संस्थानों में काम कर चुकी हैं। शिक्षा और नीति-निर्माण के अनुभव का उपयोग करते हुए उन्होंने सीजेपी की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आशुतोष रांका: जयपुर निवासी आशुतोष रांका को सामाजिक आंदोलनों का अनुभव है। वह ''परिवर्तन'' नामक संगठन भी चलाते रहे हैं। उन्होंने अपनी संस्था के बैनर तले अरावली संरक्षण और नीट परीक्षा जैसे मुद्दों पर अभियान चलाए हैं। सीजेपी आंदोलन में वह अभियान संचालन के साथ-साथ सरकार से बातचीत में भी अहम भूमिका में रहे।
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सौरव: सौरव स्वतंत्र खोजी पत्रकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। मीडिया से संवाद स्थापित करने और आंदोलन के प्रमुख मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का कार्य उन्होंने संभाला।

दीपक: राजस्थान के अलवर निवासी दीपक किसान परिवार से संबंध रखते हैं। वह सीजेपी में प्रवक्ता के तौर पर कार्य करते हुए किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे।

आफरीन: बेंगलुरु निवासी आफरीन ने निजी कंपनी की नौकरी छोड़कर सीजेपी से जुड़ने का निर्णय लिया। वह युवाओं और छात्रों की समस्याओं को मंच से प्रमुखता से उठाती रहीं।

रत्ना: वकालत और पत्रकारिता का अनुभव रखने वाली रत्ना सीजेपी से जुड़े कानूनी मामलों को संभाल रही थीं। जब-जब कानूनी चुनौतियां सामने आईं, उन्होंने संगठन को आवश्यक सलाह दी।

सिद्धांत: इंटरनेट मीडिया पर सीजेपी के मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। चाहे धरना स्थल पर आने वाले लोगों के भोजन और पानी की व्यवस्था हो या इंटरनेट मीडिया पर पार्टी के आधिकारिक हैंडल का संचालन, सभी व्यवस्थाओं का समन्वय उन्होंने किया।

