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पत्रकारिता, RTI और अब CJP की कमान... जानिए NEET प्रदर्शन के बीच चर्चा में आए प्रवक्ता सौरव दास के बारे में सब कुछ

Published: Sat, 25 Jul 2026 06:46 PM (IST)

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के युवा प्रवक्ता सौरव दास ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के बाद ध्यान आकर्षित किया ...और पढ़ें

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के युवा प्रवक्ता सौरव दास ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के बाद ध्यान आकर्षित किया है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के युवा प्रवक्ता सौरव दास ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के बाद ध्यान आकर्षित किया है। 

HighLights

  1. CJP प्रवक्ता सौरव दास ने NEET पेपर लीक पर प्रदर्शन किया।

  2. अनुभवी जांच पत्रकार, RTI कार्यकर्ता, क्लाइमेट एक्शन फ्रंट के सह-संस्थापक।

  3. भारतीय न्यायपालिका की भूमिका पर अपनी पहली किताब लिख रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ NEET परीक्षा पेपर लीक और अन्य छात्र मुद्दों पर किए गए प्रदर्शन के बाद पूरे देश में ध्यान आकर्षित किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस के स्नातकोत्तर) के नेतृत्व में ज्यादातर युवा सदस्यों वाली इस पार्टी में सौरव दास ने प्रवक्ता के रूप में जिम्मेदारी संभाली है।

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जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर प्रदर्शन की घोषणा के बाद सौरव दास पार्टी से जुड़े और जल्द ही इसके प्रवक्ता बन गए।

पत्रकारिता में सक्रिय सौरव दास

लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, सौरव दास नई दिल्ली में स्वतंत्र (फ्रीलांस) जांच पत्रकार हैं। वे क्लाइमेट एक्शन फ्रंट (Climate Action Front) के सह-संस्थापक भी हैं। सौरव मुख्य रूप से कानून, शासन, न्यायपालिका, अपराध और पारदर्शिता से संबंधित मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। उन्होंने 2020 में पत्रकारिता करियर शुरू किया।

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इससे पहले दिसंबर 2018 से जनवरी 2019 के बीच उन्होंने एक मीडिया प्रकाशन में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने पत्रकारिता की बुनियादी बातें सीखीं। इसके बाद उन्होंने मीडिया मॉन्क्स और कंटेंट एसोसिएट्स के साथ काम किया, फिर फ्रीलांस पत्रकारिता अपनाई।

रिसर्च आधारित रिपोर्टिंग और RTI पर काम

पिछले वर्षों में सौरव दास ने कई गहन शोध-आधारित कहानियां लिखी हैं, जो देश की प्रमुख प्रकाशनों में प्रकाशित हुई हैं। वे सूचना का अधिकार (RTI) कानून से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक रूप से काम कर चुके हैं।

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वर्तमान में वे अपनी पहली किताब ‘Complicit Silence: The Court’s Role in India’s Quiet Suffering’ लिख रहे हैं। यह किताब भारतीय न्यायपालिका की भूमिका पर केंद्रित है और दावा करती है कि कैसे अदालतों ने देश को चुनावी तानाशाही की ओर ले जाने में योगदान दिया है। किताब पीड़ितों की कहानियों के माध्यम से न्याय व्यवस्था की स्थिति को उजागर करने का प्रयास करती है।

कोविड काल में योगदान

कोविड-19 महामारी के दौरान सौरव दास ने एक राज्य उच्च न्यायालय में हस्तक्षेप किया, जिसके बाद केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने महामारी से संबंधित urgent सूचना अनुरोधों पर अपीलों को तेज करने का फैसला किया। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण सूचनाओं के प्रसार पर कथित सख्ती के बीच उठाया गया था।

CJP में शामिल होकर सौरव दास अब राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। युवा चेहरों से भरी इस पार्टी के भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

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