'सिर्फ CEC के इस्तीफे की नहीं, से सत्ता परिवर्तन की लड़ाई', तिरंगा यात्रा से पहले प्रशांत भूषण का बड़ा बयान
CJP का आंदोलन केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के लिए नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन के लिए है। प्रशांत भूषण ...और पढ़ें

प्रशांत भूषण ने सीजेपी आंदोलन को सत्ता परिवर्तन का आंदोलन बताया। फोटो: वीडियो ग्रैब
HighLights
आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और सत्ता परिवर्तन के लिए
प्रशांत भूषण ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया, आंदोलन जारी रहेगा
CJP बिना अनुमति कनाट प्लेस में तिरंगा यात्रा निकालेगी
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। SIR को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन मात्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए नहीं है, बल्कि यह लड़ाई सत्ता परिवर्तन के लिए है।
सत्ता परिवर्तन तक जारी रहेगा आंदोलन
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा व अभिनेता प्रकाश राय की मौजूदगी में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रशांत भूषण ने आगे कहा कि हम लोग चाहते हैं कि सत्ता परिवर्तन जरूर हो।
यह सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है। यह हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। यह विरोध-प्रदर्शन, आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता है।
हां, हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। भूषण ने सवालिया लहजे में कहा कि इसमें गलत क्या है? क्या भाजपा ने खुद सत्ता परिवर्तन के लिए कई आंदोलन नहीं चलाए थे?
अनुमति न मिलने पर भी तिरंगा यात्रा निकालने का एलान
वहीं, दीपके ने स्पष्ट किया है कि वह पुलिस अनुमति न मिलने के बाद भी कनाॅट प्लेस में तिरंगा यात्रा निकालेगी। उन्होंने आगे कहा कि तिरंगा लहराना उन लोगों का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने कनाॅट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को सीजेपी के 'लहरा दो तिरंगा' आह्वान में युवाओं के साथ ही विपक्षी दलों के लोगों को भी शामिल होने की अपील की।
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