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CJP प्रोटेस्ट से दिल्ली में हाई अलर्ट, एयरपोर्ट से प्रेस क्लब तक बनी छावनी; 2 दिन की पूरी टाइमलाइन

Published: Sun, 11 Oct 2026 07:56 PM (GMT+05:30)

CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया, जिसमें संस्थापक अभिजीत दीपके समेत हजारों कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए। आइए जानतें हैं इन दो दिनों में क्या कुछ हुआ?

सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारी, जागरण।

सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारी, जागरण।

HighLights

  1. सीजेपी के हजारों कार्यकर्ता और नेता दिल्ली में गिरफ्तार।

  2. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को हटाने के दिए निर्देश।

  3. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़पें हुईं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया। हालांकि दिल्ली पुलिस की ओर से इस प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई थी।

दिल्ली पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन की जानकारी काफी लेट दी गई। साथ ही पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

CJP प्रदर्शन के पहले दिन क्या हुआ?

पुलिस द्वारा अनुमति नहीं मिलने के बाद भी सीजेपी ने अपनी प्रस्तावित तारीख पर प्रदर्शन जारी रखा। वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने भी सख्ती बढ़ा दी।

इसी क्रम में 10 अक्टूबर को पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हवाई अड्डे से ही हिरासत में ले लिया गया। उनके अलावा आशुतोष रांका, सौरभ दास और ध्रुव राठी समेत लगभग 4,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

प्रमुख नेताओं को छोड़कर अधिकांश समर्थक को छोड़ा गया

हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को शाम तक द्वारका के जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हालांकि, अधिकांश समर्थकों को छोड़ दिया गया, लेकिन प्रमुख नेताओं को हिरासत में रखा गया। 

विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़प हुई। जिसमें 5 पुलिसकर्मी के भी घायल होने की सूचना मिली।

आम जनता को भारी परेशानी

सीजेपी द्वारा प्रस्तावित इस प्रदर्शन की वजह से आम जनता को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली आने-जाने वाली 150 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दी गईं और मेट्रो के करीब 45 स्टेशन बंद रखे गए। सीमाओं पर चेकिंग सख्त कर दी गई। 

इसी बीच दीपके की दादी के निधन की खबर मिली। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मानवीय आधार पर उन्हें रिहा कर गृहनगर महाराष्ट्र जाने की पेशकश की गई, लेकिन उन्होंने जाने से इनकार कर दिया।

सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने दिन के अंत में घोषणा की कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक आंदोलन रुकने वाला नहीं है और पार्टी रविवार को फिर से जंतर-मंतर की ओर कूच करेगी।

प्रदर्शन के दूसरे दिन क्या हुआ?

रविवार को हिरासत में लिए गए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट की कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। 

जहां से तीनों को रिहा करने का आदेश दिया गया। साथ ही प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।

दिल्ली पुलिस को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को समीक्षा करके दिल्ली से बैरिकेडिंग हटाने, मेट्रो और इंटरनेट सेवाओं को सामान्य रखने का निर्देश दिया।

साथ ही शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में न लेने का भी अंतरिम निर्देश दिया गया। वहीं दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हाथापाई के मामले में अलग-अलग जिलों में 20 एफआईआर दर्ज की।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस

कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजकों ने हिरासत से रिहा होने के बाद दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। हालांकि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से यह बताया कि उन्हें अपनी दादी के निधन के कारण गांव जाना पड़ रहा है। 

वहीं सीजेपी के अन्य नेताओं ने कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। बता दें कि दीपके को एक साल तक शांति भंग न करने की शर्त पर रिहा किया गया है। पुलिस के कड़े पहरे के बीच रविवार को भी जंतर-मंतर पर सन्नाटा पसरा रहा हालांकि सीजेपी नेताओं ने अभी भी प्रदर्शन जारी रखने का एलान किया है।

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