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दिल्ली में सख्त नाकेबंदी से CJP का प्रदर्शन नाकाम, हिरासत में लिए गए 2500 से ज्यादा लोग

By Shubham KumarEdited By: Shubham Kumar
Published: Sun, 11 Oct 2026 08:58 AM (IST)Updated: Sun, 11 Oct 2026 09:19 AM (IST)

जंतर-मंतर कूच करने की योजना बना रहे CJP कार्यकर्ताओं को भारी पुलिस तैयारियों के आगे झुकना पड़ा। चप्पे-चप्पे पर कड़ी ...और पढ़ें

दिल्ली के सीपी पर पुलिस की तैनाती।

दिल्ली के सीपी पर पुलिस की तैनाती।

HighLights

  1. CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

  2. दिल्ली में 35000 से अधिक पुलिस बल तैनात किया गया।

  3. हजारों CJP कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीते शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जो कुछ हुआ, उसने देश की राजनीतिक हलचल को पूरी तरह गर्म करके रख दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर मार्च के आह्वान को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए, जो पिछले कई सालों में नहीं देखे गए थे।

प्रशासन ने प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली को एक छावनी में बदल दिया था। मध्य दिल्ली से लेकर शहर की सीमाओं तक 35000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों (CAPF, BSF) के जवानों को तैनात किया गया था।

तो...फिर कैसा था कल का दिल्ली?

बता दें कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कूच करने की योजना बना रहे सीजेपी के कार्यकर्ताओं को कल दिल्ली पुलिस की तैयारियों के सामने अपने घुटने टेकने पड़े। 

CJP protest

तैयारी ऐसी थी कि एक-एक कोने की हर एक गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही थी। हां, अब इस बात में भी कोई दोराय नहीं है कि मेट्रो सेवाएं और ट्रेनें बुरी तरह प्रभावित रहीं, जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर में धारा 163 यानी निषेधाज्ञा लागू थी।

चारों तरफ किलेबंदी का आलाम

जंतर-मंतर जाने वाले रास्तों पर पानी की बौछारें करने वाली गाड़ियां, आंसू गैस के वाहन और मल्टी-लेयर बैरिकेड्स खड़े किए गए थे। पुलिस ने हर आने-जाने वाले से कड़ी पूछताछ की।

बड़े नेताओं और हस्तियों की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां

अच्छा गौर करने वाली बात यह है कि प्रशासन के इस सख्ती का शिकार केवल सड़क पर प्रदर्शन करने जा रहे वो आम लड़के या छात्र नहीं बल्कि कई बड़े नेता भी बने। इस बात को ऐसे समझिए कि प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए पुलिस ने पहले ही मुख्य नेताओं को पहले ही रास्ते से हटा दिया था। 

CJP protest (4)

प्लेन के अंदर ही पकड़े गए CJP नेता

दूसरी ओर प्रदर्शन कमजोर पड़ने की सबसे बड़ी वजह यह भी रही कि पुलिस ने अपनी तैयारियों को तेज करते हुए पहले तो यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत में लिया। इसके बाद विमान से दिल्ली पहुंच रहे CJP के अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। इतना ही नहीं पुलिस खुद प्लेन के अंदर गई और तीनों को हिरासत में ले लिया। 

पुलिस हिरासत से दिग्गज राजनेता भी नहीं बचे

इसके अलावा इस प्रदर्शन का समर्थन करने पहुंचे कई दिग्गज नेताओं, जैसे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के पिनाराई विजयन, त्रिपुरा के मानिक सरकार, और सीपीएम नेत्री वृंदा करात को भी हिरासत में ले लिया गया।

CJP protest (5)

फिर..अचानक शुरू हुआ फ्लैश प्रोटेस्ट

अब गौर करने वाली बात है कि बड़े नेताओं के पकड़े जाने के बाद, सफदरजंग फ्लाईओवर, दिल्ली हाट और गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास छोटे-छोटे समूहों ने अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिए। यहां वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

अबतक हिरासत में कितने लोग?

पुलिस के आधिकारिक दावों के मुताबिक करीब 2500 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, संगठन और अन्य सूत्रों का दावा है कि घरों में नजरबंद किए गए लोगों को मिलाकर यह आंकड़ा 7000 से 15000 के आसपास है।

CJP protest (1)

गौरतलब है कि पकड़े गए हजारों लोगों को बसों में भरकर छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम, यमुना स्पोर्ट्स और सुरजमल स्टेडियम ले जाया गया। पुलिस ने इस काम के लिए करीब 600 बसों का इस्तेमाल किया।

अभी भी अपनी मांग पर अड़ी है सीजेपी

मजेदार बात यह है कि कल के इस पूरे मामले को देखने के बाद भी CJP अभी भी अपनी मांग पर अड़ा है। दूसरी ओर CJP के नए नेतृत्वकर्ता अजिंक्य शिंडे ने साफ कह दिया है कि जब तक CEC इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन थगे नहीं।

सोमवार को फिर हलचल की संभावना

गौरतलब है कि CJP के अलावा अब कांग्रेस और अन्य इंडी ब्लॉक की पार्टियां भी सोमवार को दिल्ली में मार्च निकालने की योजना बना रही हैं। वहीं बात अब हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की करें तो पुलिस का कहना है कि रात तक सभी को छोड़ दिया गया है, हालांकि कुछ शीर्ष नेताओं की स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम ऐसे ही बने रहने की संभावना है।