सीआर पार्क डबल मर्डर: IPL सट्टे ने ली दो जिंदगियां, दिल्ली में पिता-पुत्र की हत्या की वजह बना 4 लाख का कर्ज
दक्षिणी दिल्ली के चितरंजन पार्क में प्रापर्टी कारोबारी राकेश सूद (62) और उनके बेटे करण सूद (27) की हत्या का ...और पढ़ें

दिल्ली के सीआर पार्क इलाके में पिता-पुत्र की चाकू गोदकर की थी हत्या। फाइल फोटो
HighLights
आईपीएल सट्टे के कर्ज के कारण हुई बाप-बेटे की हत्या।
पड़ोसी असद ने चाकू से हमला कर ली दोनों की जान।
चार लाख का कर्ज बढ़कर आठ लाख होने पर हुआ विवाद।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। चितरंजन पार्क थाना क्षेत्र स्थित तारा अपार्टमेंट में प्रापर्टी कारोबारी पिता-पुत्र राकेश सूद (62) और करन सूद (27) की हत्या की वजह चार लाख का कर्ज बनी। करण आइपीएल सट्टे में पैसा लगाया करता था। उसकी इस आदत से पिता भी परेशान थे।
उन्होंने परिचितों को करण को कर्ज देने से मना कर रखा था। असद और करण का परिवार आमने-सामने के ब्लाक में चौथी मंजिल पर रहता है। एक जैसा बिजनेस होने के चलते दोनों परिवारों में एक दशक से भी पुराने संबंध थे।
आठ लाख तक पहुंचा कर्ज
राकेश सूद ने असद को भी मना कर रखा था। इसके बावजूद असद ने करण को 20 प्रतिशत ब्याज पर कुछ समय पहले चार लाख रुपये उधार दिए। ब्याज बढ़कर कर्ज आठ लाख रुपये हो गया था।
करण पैसे लौटा नहीं रहा था और पिता राकेश सूद ने भी जिम्मेदारी से इनकार कर दिया। इसी को लेकर शुक्रवार रात ओ ब्लाक के ग्राउंड फ्लोर पर पहले राकेश व असद के बीच बहस होने लगी।
थोड़ी ही देर में ऊपर के फ्लोर से करण और उसका चचेरा भाई राहुल आया और मारपीट शुरू कर दी। यहीं से बात बिगड़ी और असद ने चाकू निकालकर तीनों पर हमला बोल दिया।
करण और असद के कामन फ्रेंड के मुताबिक दोनों परिवार लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों में अच्छे संबंध थे। अपार्टमेंट के बगल में ही ग्रीन फील्ड स्कूल है, जहां से करण ने 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की थी।
घटना को लेकर सुरक्षाकर्मी और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सब कुछ एक से डेढ़ मिनट के अंदर हो गया। जब तक लोग समझ पाते और प्रतिक्रिया दे पाते करण और राकेश जमीन पर लहूलुहान जमीन पड़े थे और असद मौके से फरार था।
एक दिन हले भी हुई थी कहासुनी
सूत्रों के मुताबिक पैसों को लेकर आरोपित की करण और उसके पिता से घटना के एक दिन पहले भी कहासुनी हुई थी। शुक्रवार की रात असद पैसे मांगने के लिए ही राकेश सूद के पास जा रहा था। राकेश उसे ओ-ब्लाक के ग्राउंड फ्लोर पर मिल गए।
वहीं दोनों की बहस होने लगी। आधे मिनट बीता होगा कि वहां करण और राहुल पहुंच गए। आरोप है कि इस बीच राहुल ने हाथापाई शुरू कर दी।
देखते ही देखते करण भी जुट गया। इस हाथापाई में असद की नाक पर चोट लग गई। वह आग बबूला हो गया और चाकू निकालकर पहले राहुल पर दो वार किए। दोनों बार राहुल ने हाथ से वार को झेलकर खुद को बचाया। वह किनारे हुआ तो आरोपित ने करण पर हमला बोल दिया।
चाकू का एक जोरदार वार करण के बायें कान के नीचे गले पर हुआ और वह गिर पड़ा। बेटे को बचाने के लिए राकेश सूद दौड़े तो उन पर भी आरोपित ने ताबड़तोड़ हमला बोल दिया और मौके से भाग गया।
एक झटके में खत्म कर दिया वंश
आसपास के दुकानदार से लेकर दोनों परिवारों को जानने वाले घटना से स्तब्ध हैं। राकेश के परिवार में पत्नी मधु, बेटियां कनिका व कनिष्का और बेटा करण थे। करण सबसे छोटा था। परिवार 18 वर्षों से यहां रह रहा है। जो दुकानदार करण को बचपन से देखते आए हैं, उन्हें भी उसकी मौत पर यकीन नहीं।
आसपास के दुकानदारों के मुताबिक दोनों परिवार संपन्न हैं। पैसों का इतना बड़ा विवाद भी नहीं था कि बात मर्डर तक पहुंच जाए। इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई, समझ में ही नहीं आ रहा। करण घर का इकलौता चिराग था। राकेश सूद का तो वंश ही एक झटके में खत्म हो गया।
घर में पत्नी और दो बेटियां बची हैं। अब भला वो किसके सहारे जिएंगी।
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