बदायूं डबल मर्डर: मुख्य आरोपी के पैर में अब भी फंसी है गोली? हाईकोर्ट पहुंचा इलाज का मामला, प्रशासन में हड़कंप
बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट के दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के इलाज का मामला अब हाईकोर्ट ...और पढ़ें

12 मार्च की रात मुठभेड़ के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह। जागरण आर्काइव
HighLights
प्रदेश सरकार, डीएम, सीएमओ, जेल अधीक्षक, मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पार्टी बनाते हुए दायर की याचिका
लीड----दोहरे हत्याकांड आरोपित अजय के इलाज को हाईकोर्ट में याचिका दायर
- आरोपित के अधिवक्ता ने प्रदेश सरकार, डीएम, सीएमओ, जेल अधीक्षक, मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पार्टी बनाते हुए हाईकोर्ट में दायर की याचिका
- 12 मार्च को हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद मुठभेड़ घायल आरोपित अजय जेल में है निरुद्ध
फोटो :
जागरण संवाददाता, बदायूं : हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की 12 मार्च को हत्या कर दी गई थी। इसके मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह मुठभेड़ में घायल हुआ था। उसके इलाज को लेकर अब मामला तूल पकड़ चुका है। आरोपित के अधिवक्ता ने समुचित उपचार न मिलने के आरोप में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें देश सरकार, डीएम, सीएमओ, जेल अधीक्षक, मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पार्टी बनाया है।
हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह के अधिवक्ता की ओर से दायर की गई याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव, जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जेल अधीक्षक और मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पार्टी बनाया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। शासकीय अधिवक्ता को चार अधिकारियों की ओर से तथा मेडिकल कालेज प्रबंधन की ओर से एसोसिएशन के अधिवक्ता को नोटिस प्राप्त कराए गए हैं।
बताया जा रहा है कि अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी थी, जिसमें एक गोली अब भी फंसी हुई है और ऑपरेशन आवश्यक बताया गया है। पूर्व में सीजेएम कोर्ट ने जेल प्रशासन को जेल मैनुअल के अनुसार मेडिकल कॉलेज में समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि, भर्ती के कुछ घंटों बाद ही आरोपी को वापस जेल भेज दिया गया, जिस पर सवाल उठे। हालांकि इस मामले में प्रशासन का तर्क था कि मेडिकल जांच में स्थिति सामान्य पाई गई थी, लेकिन बचाव पक्ष लगातार बेहतर इलाज की मांग करता रहा। इसके बाद सीजेएम ने तीन डॉक्टरों की टीम गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसकी रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अब हाईकोर्ट में दायर याचिका के जरिए यह मामला और बड़ा हो गया है।
आज होनी है जमानत पर सुनवाई
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में 12 मार्च को दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या की गई थी इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपित व उसके चार सहयोगियों को जेल भेज चुकी है। वहीं दो अन्य आरोपित इसी मामले से जुड़े दो अन्य मामलों में जेल में है। इन सभी ने पहले सीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। लेकिन वह खारिज हो गई। अब जिला जज के यहां तीन आरोपितों की जमानत याचिका डाली गई है। इसमें शनिवार को सुनवाई होनी है।
- आरोपित के अधिवक्ता ने प्रदेश सरकार, डीएम, सीएमओ, जेल अधीक्षक, मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पार्टी बनाते हुए हाईकोर्ट में दायर की याचिका
- 12 मार्च को हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद मुठभेड़ घायल आरोपित अजय जेल में है निरुद्ध
फोटो :
जागरण संवाददाता, बदायूं : हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की 12 मार्च को हत्या कर दी गई थी। इसके मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह मुठभेड़ में घायल हुआ था। उसके इलाज को लेकर अब मामला तूल पकड़ चुका है। आरोपित के अधिवक्ता ने समुचित उपचार न मिलने के आरोप में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें देश सरकार, डीएम, सीएमओ, जेल अधीक्षक, मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पार्टी बनाया है।
हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह के अधिवक्ता की ओर से दायर की गई याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव, जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जेल अधीक्षक और मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पार्टी बनाया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। शासकीय अधिवक्ता को चार अधिकारियों की ओर से तथा मेडिकल कालेज प्रबंधन की ओर से एसोसिएशन के अधिवक्ता को नोटिस प्राप्त कराए गए हैं।
बताया जा रहा है कि अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी थी, जिसमें एक गोली अब भी फंसी हुई है और ऑपरेशन आवश्यक बताया गया है। पूर्व में सीजेएम कोर्ट ने जेल प्रशासन को जेल मैनुअल के अनुसार मेडिकल कॉलेज में समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि, भर्ती के कुछ घंटों बाद ही आरोपी को वापस जेल भेज दिया गया, जिस पर सवाल उठे। हालांकि इस मामले में प्रशासन का तर्क था कि मेडिकल जांच में स्थिति सामान्य पाई गई थी, लेकिन बचाव पक्ष लगातार बेहतर इलाज की मांग करता रहा। इसके बाद सीजेएम ने तीन डॉक्टरों की टीम गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसकी रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अब हाईकोर्ट में दायर याचिका के जरिए यह मामला और बड़ा हो गया है।
आज होनी है जमानत पर सुनवाई
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में 12 मार्च को दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या की गई थी इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपित व उसके चार सहयोगियों को जेल भेज चुकी है। वहीं दो अन्य आरोपित इसी मामले से जुड़े दो अन्य मामलों में जेल में है। इन सभी ने पहले सीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। लेकिन वह खारिज हो गई। अब जिला जज के यहां तीन आरोपितों की जमानत याचिका डाली गई है। इसमें शनिवार को सुनवाई होनी है।
