प्रवासी मजदूर और छात्रों को उपलब्ध होगा छोटा सिलिंडर, आधार कार्ड दिखाने पर मिलेगा; नोटिफिकेशन जल्द
पेट्रोलियम मंत्रालय जल्द ही प्रवासी मजदूरों और छात्रों को 5 किलो का 'छोटू' एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध कराएगा। यह आधार कार्ड ...और पढ़ें
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सरकार जल्द छोटा सिलिंडर को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकती है।
HighLights
5 किलो का 'छोटू' सिलिंडर जल्द उपलब्ध होगा।
प्रवासी मजदूरों और छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत।
आधार कार्ड पर 100 रुपये प्रति किलो मिलेगा।
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। एलपीजी सिलिंडर की किल्लत से सर्वाधिक परेशान प्रवासी व छात्रों की दिक्कतें दूर होने जा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय उन्हें जल्द पांच किलो का छोटू सिलिंडर उपलब्ध कराएगी। इसे लेकर एक-दो दिन में नोटिफिकेशन आ सकता है।
मामले से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के गैस वितरकों के एसाेसिएशन के एक पदाधिकारी ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय तथा तेल कंपनियों के साथ शनिवार को वेबिनार में महानगरों में रहते प्रवासी लोगों तथा छात्रों को ही दिक्कतों पर चर्चा हुई, जिसमें तय हुआ कि उन्हें छोटू सिलिंडर की आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही गली मोहल्लों में अवैध रूप से छोटे सिलिंडरों की रीफिलिंग करते दुकानदारों के विरूद्ध अभियान चलाया जाए।
पांच किलो वाला यह सिलिंडर आधार कार्ड पर मिलेगा। वहीं, इसमें एलपीजी की कीमत प्रति किलो 100 रुपये रहेगी। नाम न छपने की शर्त पर उन्होंने बताया कि सोमवार या मंगलवार को इसे लेकर नोटिफिकेशन आ सकता है।
अभी अवैध तरीके से भरवा रहे सिलिंडर
यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है, जो काम धंधे के लिए दूसरे शहर में रहते हैं और उनके पास अधिकृत गैस कनेक्शन नहीं है। दिल्ली में ही ऐसे लोगों की संख्या लाखों में है। छोटू गैस से बड़ी संख्या में छात्र भी लाभाविंत होंगे, जो हॉस्टलों या किराये के कमरों में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उनमें से अधिकतर लोग मौजूदा समय में अवैध रूप से छोटे सिलिंडर भरवा रहे हैं। उन्हें खुले बाजार में एलपीजी 200 से 250 रुपये किलो तक में मिल रही है।
वैसे, छोटू सिलिंडर के लिए किसी कनेक्शन की आवश्यकता नहीं है, यह आधार कार्ड पर ही उपलब्ध होगा। पहले भी यह गैस एजेंसियों पर उपलब्ध होता था, लेकिन तब उसमें लोगों की दिलचस्पी कम थी। वहीं, एलपीजी संकट के बीच उसकी आपूर्ति भी पूरी तरह से बंद कर दी गई है। अब व्यावसायिक सिलिंडरों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ छोटू सिलिंडर भी उपलब्ध कराने को लेकर रणनीति बनी है।
उनके अनुसार, यह एलपीजी कंपनियों से रीफिलिंग होती है। साथ ही इसकी टंकी मजबूत होती है। इसलिए यह सुरक्षित है।
स्ट्रीट फूड स्टॉल के लिए उपलब्धता पर संशय
वैसे, कूलचे-छोले, ममोज, आमलेट, गोलगप्पे-चाट जैसे कई सारे स्ट्रीट फूड के स्टालों पर छोटे सिलिंडरों का उपयोग होता है। जिसकी अनुपलब्धता से उनका काम प्रभावित हो रहा है। वैसे, छोटू सिलिंडर व्यावसायिक कार्यों के लिए उपलब्ध होगा कि नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, एक-दो दिन में इसपर भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
कम होने लगी सिलिंडरों की पैनिक बुकिंग, राहत में एजेंसियां
मार्च के मध्य में पैनिक बाइंग के मामले अब कम होने लगे हैं। अब बुकिंग के मामले में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। झंडेवाला, करोलबाग समेत अन्य गैस एजेंसियों के बाहर कतारें घटने लगी है। एक गैस एजेंसी संचालक के अनुसार, अब होम डिलीवरी में तेजी लाई गई है। अधिकतर लोगों की बुकिंग और डिलीवरी हो चुकी है। इसलिए अब वह अफरातफरी का माहौल नहीं है। इसी तरह, व्यावसायिक सिलिंडरों की उपलब्धता बढ़ गई है।
