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चांदनी चौक टाउन हॉल बनेगा ग्लोबल हेरिटेज सेंटर, दिल्ली की विरासत होगी संरक्षित

Published: Sun, 20 Sep 2026 08:06 PM (IST)

चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित करने का रास्ता खुल गया है, जिसके ...और पढ़ें

टाउन हाल को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर विकसित करने के लिए सीएम रेखा गुप्ता की उपस्थिति में समझौते का आदान प्रदान हुआ। सौजन्य- दिल्ली सरकार

टाउन हाल को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर विकसित करने के लिए सीएम रेखा गुप्ता की उपस्थिति में समझौते का आदान प्रदान हुआ। सौजन्य- दिल्ली सरकार

HighLights

  1. टाउन हॉल अब ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के तौर पर विकसित होगा।

  2. एमसीडी और दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग में समझौता हुआ।

  3. यह केंद्र दिल्ली की समृद्ध विरासत और संस्कृति को दर्शाएगा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कभी रेस्तरां तो कभी एमसीडी संग्रहालय बनाने की योजनाओं के बीच आखिरकार चांदनी चौक स्थित टाउन हाल के ग्लोबल हेरिटेज सेंटर बनने का रास्ता खुल गया है। इसके लिए रविवार को एमसीडी व दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग के बीच समझौता हो गया है।

जहां पर टाउन हाल के साथ ही ऐतिहासिक प्रेस बिल्डिंग और पार्क का संरक्षण करके ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा।

पूरा कार्य दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग की नोडल एजेंसी दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी घोषणा अपने बजट भाषण के दौरान की थी।

सीएम की उपस्थिति में हुए इस समझौते का आदान प्रदान महापौर प्रवेश वाही व पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा की तरफ से अधिकारियों ने किया।

टाउन हॉल का कायाकल्प

दिल्ली सरकार की योजना के अनुसार इमारत का स्वामित्व एमसीडी के पास ही रहेगा लेकिन इसे ग्लोबल हेरिटेज सेंटर विकसित करने का कार्य पर्यटन विभाग करेगा। सरकार की योजना है कि ऐतिहासिक भवन की मूल विरासत पहचान को सुरक्षित रखते हुए उसका अनुकूली पुन: उपयोग करना है।

साथ ही उसे वर्तमान समय की पर्यटन और सांस्कृतिक जरूरतों के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। प्रस्तावित ग्लोबल हेरिटेज सेंटर में संग्रहालय, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं के विकास की योजना है।

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इससे पुरानी दिल्ली आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को ऐसा नया प्रमुख आकर्षण मिल सकेगा, जहां दिल्ली के इतिहास, विरासत और संस्कृति को एक ही परिसर में अनुभव किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि टाउन हाल का निर्माण 1860 में शुरू हुआ था।

पहले इसे दिल्ली इंस्टीट्यूट के नाम से जाना जाता था। बाद में इसे तत्कालीन नगरपालिका ने खरीद लिया। यही पर नगरपालिका और बाद में एमसीडी की बैठकें हुई।

नियमित होगी समीक्षा, 30 वर्ष तक का है समझौता

एमओयू के अंतर्गत डीटीटीडीसी को इस परियोजना के लिए सर्वे, भवन का स्ट्रक्चरल असेसमेंट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके बाद परियोजना को सार्वजनिक निवेश या पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) माडल के माध्यम से विकसित करने का विकल्प तय किया जाएगा। परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए डीटीटीडीसी और नगर निगम के प्रतिनिधियों वाला संयुक्त कार्य समूह भी बनाया जाएगा।

एमओयू की प्रारंभिक अवधि 30 वर्ष रखी गई है और आपसी सहमति से इसे आगे 30 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। टाउन हाल से जुड़ी विरासत सामग्री, अभिलेखीय सामग्री, कलाकृतियां और ऐतिहासिक रिकार्ड नगर निगम के ही पास रहेंगे।

ऐतिहासिक टाउन हाल केवल भवन नहीं, बल्कि दिल्ली के समृद्ध इतिहास और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दिल्ली सरकार का प्रयास है कि इसकी ऐतिहासिक और स्थापत्य पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जाए।

ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित होने के बाद यह परिसर देश-दुनिया से दिल्ली आने वाले पर्यटकों को पुरानी दिल्ली के इतिहास, संस्कृति और विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

- रेखा गुप्ता, सीेएम दिल्ली