चैतन्यानंद को कोर्ट से बड़ी राहत, पर जेल से नहीं आएगा बाहर; अदालत ने पुलिस की जांच को बताया बेहद लापरवाह
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चैतन्यानंद सरस्वती को फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट मामले में जमानत दे दी है। कोर्ट ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में पटियाला हाउस स्थित जिला अदालत ने फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगाने के मामले में चैतन्यानंद सरस्वती को जमानत दे दी है।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच को बेहद लापरवाह बताते हुए कहा कि चार्जशीट भी कैजुअल तरीके से दाखिल की गई है। हालांकि, छात्राओं से छेड़छाड़ के गंभीर मामले में आरोपी अभी जेल में ही रहेगा।
न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने कहा कि चार्जशीट देखने से यह साफ नहीं होता कि फर्जी नंबर प्लेट खुद आरोपी ने लगवाई या लगाई।
कोर्ट ने और क्या कहा?
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि आरोपी का ड्राइवर, जो कार पर फर्जी प्लेट लगाता था, उसे न तो आरोपित बनाया गया और न ही प्लेट बनाने के स्रोत की कोई जांच हुई। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि आरोपी ने खुद उस कार का इस्तेमाल किया या नहीं।
पुलिस की जांच पर सवाल
कोर्ट ने कहा कि इस केस में अधिकतम सजा सात साल तक की है और जब जांच पूरी हो चुकी है तो आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता, सिर्फ इसलिए कि पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की।
यह मामला 25 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ था, जब आरोपी से जुड़ी बताई जा रही वोल्वो कार पर फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट (39 यूएन 1) पाई गई थी।
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चैतन्यानंद पर कई गंभीर आरोप
स्वामी चैतन्यानंद पर छात्राओं से छेड़छाड़, ट्रस्ट बनाकर हर माह करीब 40 लाख रुपये की हेराफेरी और फर्जी नंबर प्लेट समेत कुल पांच केस दर्ज हैं।
