कुल्हाड़ी से हमला, फिर भी नहीं डिगा हौसला; 182 लोगों की जान बचाने वाले स्मित मच्छर को वीरता पुरस्कार की मांग
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में 182 जिंदगियों को बचाने वाले भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देने की मांग उठी है।

कैप्टन स्मित की फाइल फोटो।
HighLights
कैप्टन स्मित मछार ने 182 जिंदगियां बचाईं।
को-पायलट के हमले के बाद भी विमान सुरक्षित उतारा।
राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए पीएमओ से सिफारिश।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में 182 जिंदगियों को बचाने वाले भारतीय मूल के कैप्टन स्मितमच्छर को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देने की मांग उठी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट (एफआईपी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर उन्हें इस सम्मान से सम्मानित करने की सिफारिश की है।
30 सितंबर को उड़ान एफजेड1073 के दौरान को-पायलट ने काकपिट कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अदम्य साहस दिखाते हुए विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित लैंड कराया।
FIP ने पीएमओ को भेजे पत्र में क्या कहा?
एफआईपी अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने पीएमओ को भेजे पत्र में कहा कि कैप्टन ने अपनी जान जोखिम में डालकर 174 यात्रियों और 8 क्रू मेंबर्स की जान बचाई। खुद लहूलुहान होने के बावजूद दायित्व निभाना मिसाल है।
एफआईपी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आधिकारिक जांच के बाद कैप्टन स्मित के इस अदम्य साहस के लिए उन्हें राष्ट्रीय सम्मान दिया जाए।
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