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कंबोडिया से भारत में साइबर ठगी का खेल, डिजिटल अरेस्ट के 6 लाख के केस में दो जालसाज गिरफ्तार

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:07 PM (IST)

दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर छह लाख की ठगी करने वाले गिरोह के दो जालसाजों को ...और पढ़ें

दक्षिणी जिला साइबर थाने की टीम की गिरफ्त में दोनों आरोपित। सौ- पुलिस

दक्षिणी जिला साइबर थाने की टीम की गिरफ्त में दोनों आरोपित। सौ- पुलिस

HighLights

  1. दक्षिणी दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट से छह लाख की ठगी।

  2. जम्मू-कश्मीर और राजस्थान से दो जालसाज गिरफ्तार हुए।

  3. ठगी के तार कंबोडिया से जुड़े, पुलिस जांच जारी।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर छह लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच में दक्षिणी जिला के साइबर थाने की टीम ने कंबोडिया में बैठकर भारत में ठगी करने वाले गिरोह के दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है।

जम्मू-कश्मीर और राजस्थान से गिरफ्तार आरोपितों रितिश कुमार मेहरा और मुकेश कुम्हार के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, चार एटीएम व डेबिट कार्ड, पांच चेकबुक और पांच रबर स्टांप बरामद किए हैं। मुकेश कुम्हार के एक बैंक अकाउंट में करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन भी सामने आया है। उसका अकाउंट देश के अलग-अलग राज्यों से मिली 10 एनसीआरपी शिकायतों से जुड़ा मिला है।

देशभर में 10 एनसीआरपी शिकायतें मिलीं

दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक एक पीड़ित ने अपने साथ डिजिटल अरेस्ट कर की गई छह लाख की ठगी की शिकायत दी। उसे फंसने और डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कहकर कार्रवाई से बचने के नाम पर छह लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए।

शिकायत के आधार पर साइबर थाना में ई-एफआइआर दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। ठगी की छह लाख रुपये की रकम में से 50 हजार भीलवाड़ा के मुकेश कुम्हार के नियंत्रण वाले फेडरल बैंक खाते में पहुंचा।

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वहीं पांच लाख 50 हजार रुपये कठुआ के रहने वाले रितिश मेहरा के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। वित्तीय ट्रेल के आधार पर पुलिस ने पहले रितिश को कठुआ से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही और जांच के बाद मुकेश को भीलवाड़ा से पकड़ा गया।

मुकेश के बैंक खातों की पड़ताल में करीब 50 लाख रुपये के अन्य लेनदेन का पता चला। देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 10 एनसीआरपी शिकायतों भी इस खाते से जुड़ी मिली हैं।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

पुलिस ने आशंका जताई है कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए भी किया जा रहा था। पुलिस अब इन लेनदेन के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। तकनीकी जांच में ठगी के दौरान इस्तेमाल आनलाइन संचार के तार कंबोडिया से जुड़े मिले हैं।

पुलिस इस विदेशी डिजिटल लिंक की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कंबोडिया में बैठे लोगों की गिरोह में क्या भूमिका है। जांच पूरी होने के बाद नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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