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मोहाली में रिटायर्ड सैन्य अधिकारी को साइबर ठगों ने बनाया शिकार, डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख ठगे

Published: Sat, 03 Oct 2026 07:41 PM (IST)

मोहाली में एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को साइबर ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर 30 लाख रुपये ठग लिए। ...और पढ़ें

आरबीआई को रकम भेजने का झांसा देकर 30 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

आरबीआई को रकम भेजने का झांसा देकर 30 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

HighLights

  1. खुद को एसबीआई कस्टमर केयर अधिकारी बताया।

  2. 'डिजिटल अरेस्ट' और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया।

  3. बैंक अधिकारी बन बैंक खातों और एफडी की जानकारी ली।

जागरण संवाददाता, मोहाली।  साइबर ठगों ने फेज-3बी1 निवासी 84 वर्षीय सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पहले खुद को एसबीआई कस्टमर केयर अधिकारी बताकर क्रेडिट कार्ड से एक लाख रुपये की धोखाधड़ी का डर दिखाया।

इसके बाद कॉल को कथित ‘बॉम्बे फ्रॉड डिपार्टमेंट’ से जोड़कर पीड़ित को मनी लाॅन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी गई। डिजिटल जांच के नाम पर दोनों बैंक खातों और एफडी की जानकारी लेने के बाद ठगों ने आरबीआई को रकम भेजने का झांसा देकर 30 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

पुलिस को दिए बयान में दविंदरपाल सिंह ने बताया कि 19 सितंबर को उन्हें फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम अतुल कुमार चौधरी बताते हुए खुद को एसबीआई कस्टमर केयर कर्मचारी बताया। उसने कहा कि 21 मई को उनके नाम पर क्रेडिट कार्ड जारी हुआ था और उससे एक लाख रुपये निकाले गए हैं।

पीड़ित ने क्रेडिट कार्ड बनवाने से इनकार किया तो ठग ने कहा कि मामले की शिकायत मुंबई के फ्रॉड विभाग में करनी होगी। इसके बाद कॉल वीडियो कॉल पर दूसरे व्यक्ति से जोड़ दी गई।

आधार नंबर लेकर मनी लाॅन्ड्रिंग का डर दिखाया

वीडियो कॉल करने वाले ने खुद को अजय बंसल बताया। उसने आधार कार्ड की जानकारी लेने के बाद कहा कि संजीव कुमार नामक व्यक्ति मनी लाॅन्ड्रिंग के मामले में पकड़ा गया है और उसके पास पीड़ित का आधार नंबर मिला है।

आरोपित ने दावा किया कि इस व्यक्ति ने कई लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और खाताधारकों को 10 प्रतिशत कमीशन दिया। इसके बाद आरोपितों ने दोनों बैंक खातों, एफडी और अन्य वित्तीय जानकारी हासिल कर ली। उन्होंने कहा कि रकम की जांच के लिए पैसे पहले आरबीआई को ट्रांसफर करने होंगे और सत्यापन के बाद पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।

दो दिन में खातों से निकले 30 लाख

आरोपितों के निर्देश पर 21 सितंबर को पीड़ित ने एचडीएफसी खाते से 21 लाख रुपये फेडरल बैंक के खाते में ट्रांसफर किए। अगले दिन एसबीआइ खाते से नौ लाख रुपये बैंक ऑफ इंडिया के खाते में भेजे गए। इसके बाद आरोपियों ने खाते के सत्यापन के नाम पर उसे किसी से बात न करने की हिदायत दी। शक होने पर पीड़ित ने 23 सितंबर को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

जांच अधिकारी गुरसिमरन वीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस रकम जिन खातों में गई, संबंधित मोबाइल नंबरों और वीडियो कॉल के जरिए जुटाई गई जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।