बृजभूषण सिंह को बरी करने के फैसले को चुनौती, महिला पहलवानों की याचिका का जवाब देने के लिए दिल्ली HC ने दिया समय
दिल्ली की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी करने के ...और पढ़ें

पूर्व कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (फाइल फोटो)
HighLights
बृजभूषण सिंह को बरी करने के खिलाफ महिला पहलवानों की याचिका।
दिल्ली कोर्ट ने बृजभूषण को जवाब दाखिल करने का समय दिया।
मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को, बंद कमरे में होगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों द्वारा दायर याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए सिंह को समय दे दिया है। विशेष न्यायाधीश डिग विनय सिंह ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए बृजभूषण शरण सिंह को जवाब दाखिल करने की मोहलत दी और मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर तय की है।
दिसंबर में होगी बंद कमरे में सुनवाई
सुनवाई के दौरान अदालत में बृजभूषण शरण सिंह खुद मौजूद थे। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जैसे ही इस मामले में दलीलें शुरू होंगी, अदालती कार्यवाही बंद कमरे में वीडियोग्राफी के साथ आयोजित की जाएगी।
दिल्ली पुलिस से निर्णय पर मांगा जवाब
जब अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि क्या वह भी इस बरी किए जाने के खिलाफ अपील दायर करने जा रही है, तो सरकारी वकील ने कहा कि इस विषय पर अभी फैसला लिया जाना बाकी है। इसके लिए पुलिस ने अपना रुख स्पष्ट करने हेतु अदालत से 15 दिनों का समय मांगा है।
पहलवानों ने फैसले को बताया कानूनन गलत
बता दें कि 3 अगस्त को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए बृजभूषण शरण सिंह और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया था।
इस फैसले को चुनौती देते हुए चार महिला पहलवानों ने 25 सितंबर को अपील दायर की थी। पहलवानों का तर्क है कि निचली अदालत का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के गलत और चुनिंदा मूल्यांकन पर आधारित है तथा यह कानूनी सिद्धांतों के विपरीत है।
