1133 दिनों तक 127 बार सुनवाई के बाद बृजभूषण शरण सिंह बाइज्जत बरी, आरोप लगाने वालों पर बोले- 'जो हुआ, सो हुआ'
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के ...और पढ़ें

बृजभूषण शरण सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए अपनी निर्दोषता दोहराई है। फाइल फोटो
HighLights
बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में बरी हुए।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबूतों के अभाव में फैसला सुनाया।
बृजभूषण ने अदालत के फैसले का स्वागत किया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया।
इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई जनवरी 2023 से चल रहा था। महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण के आरोपों से संबंधित इस मामले की सुनवाई 1133 दिनों तक चली। इस बीच इस मामले में कोर्ट में कुल 127 बार सुनवाई की गई।
2 जुलाई को हुई थी आखिरी सुनवाई
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और उत्पीड़न के आरोपों में बृजभूषण के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के सबूतों को पर्याप्त नहीं माना और उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह फैसला 2 जुलाई 2026 को बहस खत्म होने के बाद आया है। उस समय ऑर्डर रिजर्व रखा गया था।
बोले थे- दोषी हुआ तो स्वत: फांसी पर लटक जाऊंगा
यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा था। बृजभूषण शरण सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए अपनी निर्दोषता दोहराई है। कोर्ट से बरी होने के बाद अदालत से बाहर आते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, "आज कोर्ट ने बाइज्जत मुझे बरी किया है। मैंने उस दिन कहा था कि मैं स्वत: फांसी से लटक जाऊंगा। मगर आज मैं बाइज्जत बरी हो गया।"
साथ ही, उन्होंने मीडिया के यह पूछने पर कि जिनपद आपने आरोप लगाया था, उस पर क्या कहेंगे तो सांसद ने जवाब दिया, "जो हुआ सो हुआ।" वहीं, पक्ष में फैसला आने के बाद बृजभूषण के समर्थकों ने खुशी मनानी शुरू कर दी।
विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने किया था प्रदर्शन
बता दें कि इन आरोपों ने 2023 में देशभर में विरोध-प्रदर्शन भड़का दिए थे। ओलंपिक पदक विजेताओं और शीर्ष पहलवानों ने पूर्व भाजपा सांसद पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया था। आरोप लगाने वालों में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया जैसे नामी खिलाड़ी शामिल थे।
इन खिलाड़ियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर महीनों लंबा धरना भी दिया था। वे बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी और फेडरेशन से उनके हटाने की मांग पर अड़े हुए थे।
वहीं, जब पुलिस ने नए संसद भवन की ओर मार्च के दौरान कई खिलाड़ियों को हिरासत में ले लिया था तो इन प्रदर्शनों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली थीं। इसके बाद दुनियाभर के खेल संगठनों ने इसकी आलोचना की थी।
