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दिल्ली में 12 अक्टूबर से BRICS थिएटर महोत्सव, 9 देशों के 100 से ज्यादा कलाकार लेंगे हिस्सा

Published: Fri, 25 Sep 2026 08:07 AM (IST)

दिल्ली में 12 से 14 अक्टूबर तक होने वाले ब्रिक्स थिएटर महोत्सव में नौ देशों के 100 से अधिक कलाकार ...और पढ़ें

एनएसडी में ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल का पोस्टर लांच करते संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल (दाएं से दूसरे), एनएसडी के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी(दाएं) व अन्य। जागरण

एनएसडी में ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल का पोस्टर लांच करते संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल (दाएं से दूसरे), एनएसडी के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी(दाएं) व अन्य। जागरण

HighLights

  1. नौ देशों के 100 से अधिक कलाकार लेंगे हिस्सा

  2. दर्शक नाटकों की रचनात्मक प्रक्रिया को समझेंगे

  3. संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित, 12-14 अक्टूबर तक दिल्ली में

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ब्रिक्स थिएटर महोत्सव में इस बार दर्शकों को सिर्फ नाटक देखने का मौका नहीं मिलेगा, बल्कि वे यह भी जान सकेंगे कि मंच पर दिखने वाली कहानी के पीछे उसे तैयार करने में कितनी रचनात्मक मेहनत होती है।

‘हमारी कहानियां, हमारा भविष्य’ थीम के तहत 12 से 14 अक्टूबर तक होने वाले तीन दिवसीय महोत्सव में नाट्य प्रस्तुतियों के साथ संवाद और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

निर्देशक-कलाकार बताएंगे मंच की कहानी

हर नाट्य प्रस्तुति के अगले दिन उसके निर्देशक, कलाकार और तकनीकी दल दर्शकों और अन्य रंगकर्मियों से रूबरू होंगे। इस दौरान नाटक की विषयवस्तु से लेकर अभिनय शैली, मंच सज्जा, तकनीकी प्रयोग और निर्माण प्रक्रिया पर बातचीत होगी।

खास बात यह होगी कि दर्शक भी कलाकारों और निर्देशक से सीधे सवाल पूछ सकेंगे। यानी मंच पर दिखाई गई कहानी के साथ उसके पीछे की सोच और उसे तैयार करने की प्रक्रिया को भी करीब से समझने का मौका मिलेगा।

नौ देशों के 100 से अधिक कलाकार

महोत्सव में भारत के साथ थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस, वियतनाम, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान और इथियोपिया के 100 से अधिक कलाकार, रंगकर्मी, विद्यार्थी और रंगमंच के विद्वान हिस्सा लेंगे।

अलग-अलग भाषाओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले कलाकार अपनी पारंपरिक और समकालीन रंगमंच शैलियों को दिल्ली के दर्शकों के सामने पेश करेंगे।

दो भारतीय प्रस्तुतियां, रूस के दल भी

भारत की ओर से दो नाट्य प्रस्तुतियां पेश की जाएंगी। रूस के दो प्रमुख संस्थानों के दल भी महोत्सव में शामिल होंगे। प्रस्तुतियों के साथ होने वाली कार्यशालाओं और संवाद सत्रों के जरिए अलग-अलग देशों के कलाकारों को एक-दूसरे की रंग परंपराओं और रचनात्मक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

संस्कृति मंत्रालय के विवेक अग्रवाल ने कहा कि रंगमंच अलग-अलग देशों की कहानियों और संस्कृतियों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उनके अनुसार, महोत्सव में होने वाले संवाद और कार्यशालाएं कलाकारों के बीच लंबे समय तक सहयोग की संभावनाएं तैयार करेंगी।

पांच थिएटरों में होंगी प्रस्तुतियां

महोत्सव का उद्घाटन 12 अक्टूबर को कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। इसके बाद अभिमंच आडिटोरियम, सम्मुख सभागार, कमानी, एलटीजी और मेघदूत थिएटर में नाट्य प्रस्तुतियां होंगी।

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