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15000 जवान, AI निगरानी और कमांडो का पहरा... दिल्ली में एजेंसियों की रणनीति से बेदाग रहा BRICS Summit

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:25 AM (IST)

नई दिल्ली में दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसे केंद्रीय एजेंसियों और दिल्ली ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

एआई जेनेरेटेड इमेज।

HighLights

  1. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

  2. केंद्रीय एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की सुरक्षा रणनीति सफल रही।

  3. एआई निगरानी और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी साबित हुई।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रविवार को बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस आयोजन की सुरक्षा और प्रबंधन को केंद्रीय एजेंसियों, अर्द्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस की ऐतिहासिक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत सभी सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियां करीब डेढ़ महीने पहले से ही तैयारियों में जुट गई थीं, जिसका परिणाम यह सम्मेलन शत-प्रतिशत सफल रहा।

सम्मेलन के सफलता पूर्वक संपन्न होने के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों को इस बड़ी सफलता के लिए बधाई दी है।

AI निगरानी और जमीन से आसमान तक सख्त पहरा

दिल्ली पुलिस प्रवक्ता, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजीव रंजन का कहना है कि सम्मेलन की संवेदनशीलता को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने और वीवीआइपी रूट की सुरक्षा के लिए 15,000 दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था।

सभी संवेदनशील ठिकानों, होटलों और आयोजन स्थल की सुरक्षा के लिए 2,000 अर्द्धसैनिक बलों के जवानों ने मोर्चा संभाला हुआ था। खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और एआइ-बेस्ड सर्विलांस के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी।

मुख्य आयोजन स्थल ''भारत मंडपम'', विभिन्न होटलों और एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े पहरे के तहत हर वेन्यू पर डीसीपी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया था। विदेशी सुरक्षा एजेंसियों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया था।

विदेशी मेहमानों के आगमन से लेकर उनके ठहरने के स्थान और कार्यक्रम स्थल तक आवाजाही के दौरान कड़ी निगरानी रखी गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष इमरजेंसी रिस्पांस टीमें तैनात की गई थी।

शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर तय इलाकों में ड्रोन या किसी भी प्रकार के अनधिकृत फ्लाइंग आब्जेक्ट्स को उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। वीवीआइपी मूवमेंट के दौरान कमांड और कंट्रोल रूम से कैमरों और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही थी।

नई दिल्ली जिले की सभी ऊंची इमारतों से कमांडो दूरबीन के जरिये जमीन से आसमान तक नजर रख रहे थे।

सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सभी एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने सम्मेलन के बिना किसी तरह के व्यवधान के सफलता पूर्वक संपन्न होने पर बड़ी राहत की सांस ली है। रविवार शाम तक अधिकांश देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो चुके थे।

दिल्ली में ट्रैफिक बहाल, सुरक्षा व्यवस्था सफल

कुछ देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रधानमंत्री सोमवार को निर्धारित कार्यक्रमों के बाद स्वदेश लौटे। विदेशी मेहमानों के स्वदेश लौटने के बाद सोमवार से नई दिल्ली जिले में यातायात प्रतिबंधों में ढील दे दी गई।

आम लोगों के वाहन पहले की तरह सामान्य रूप से नई दिल्ली जिले के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश कर सके, जिससे कार्यालय जाने वाले आम नागरिकों और पटरियों पर चलने वाले यातायात को बड़ी राहत मिली।

डेढ़ महीने की कड़ी मेहनत और समन्वय ने यह साबित कर दिया है कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को विश्वस्तरीय सुरक्षा देने में पूरी तरह सक्षम हैं।

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