बंटी हुई दुनिया के बीच ब्रिक्स में बनी आम सहमति, विदेश मंत्री जयशंकर बोले- बेहद सफल रहा सम्मेलन
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को "बहुत बंटी हुई दुनिया" के बावजूद आम सहमति बनाने में सफल ...और पढ़ें

ब्रिक्स सम्मेलन पर बोले विदेश मंत्री एस. जयशंकर
HighLights
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बंटी दुनिया के बावजूद आम सहमति बनी।
पश्चिम एशिया संघर्ष पर सहमति बनी, जयशंकर ने इसे कठिन विषय बताया।
भारत की अध्यक्षता में सफल सम्मेलन, आतंकवाद की कड़ी निंदा हुई।
पीटीआई, नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन "बहुत बंटी हुई दुनिया" के दौर में हुआ मगर इसके बावजूद हमने आम सहमति बनाई। उन्होंने भारत की अध्यक्षता में हुए इस बड़े आयोजन को सफल बताया।
जयशंकर ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में पश्चिम एशिया में संघर्ष को "उस दिन का सबसे कठिन विषय" बताया। उन्होंने कहा-"हम एक ऐसा बयान जारी करने में सफल रहे, जिस पर सभी सहमत थे।"
शनिवार को ब्रिक्स के सदस्य देशों ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के बीच गहरे मतभेदों को दूर करते हुए नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया।
उन्होंने ईरान पर हुए हमलों के लिए अमेरिका का सीधे तौर पर जिक्र करने से भी परहेज किया। घोषणापत्र के मसौदे पर बातचीत आखिरी समय तक चलती रही, क्योंकि शुरुआत में ईरान और यूएई, दोनों ही अपने रुख पर अड़े हुए थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य नेताओं की मौजूदगी में घोषणापत्र को अपनाने की घोषणा की थी।
जयशंकर ने कहा- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा था, जब दुनिया बहुत बंटी हुई है। इस विभाजन के बावजूद, हमने आम सहमति बनाई। उन्होंने कहा कि बयान में शांति, सुरक्षा, स्थिरता, वैश्विक व्यापार और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का आग्रह किया गया है।
उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन का माहौल खुला और सहज था, जिसमें नेताओं ने मुलाकात की, जोकि अन्य परिस्थितियों में संभव नहीं थी।
भारत मंडपम परिसर में आयोजित इस शिखर सम्मेलन से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं। जयशंकर ने बताया कि शिखर सम्मेलन में कुल 32 प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए, जिसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों के 11, साझेदार देशों के 10 और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सात प्रतिनिधिमंडल शामिल थे।
उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर ब्रिक्स समूह के रुख का भी जिक्र किया, जिसमें आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की गई। ब्रिक्स ने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद का कोई भी कृत्य आपराधिक है और उसने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले को अस्वीकार्य माना।
जयशंकर ने कहा- कई लोगों ने कहा कि यह (शिखर सम्मेलन) नहीं हो पाएगा। लेकिन यह हुआ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
