राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली: विश्व पुस्तक मेले के पहले दिन पुस्तक प्रेमियों के उत्साह पर ठिठुरन भरी ठंड भी बेअसर रही। मेले में हर उम्र के पुस्तक प्रेमियों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिली। पहले ही दिन इस उत्साह से प्रकाशक भी खुश दिखाई दिए।

मेले का औपचारिक उद्घाटन सुबह 11 बजे होना था। उसी समय से पुस्तक प्रेमी पहुंचने शुरू हो गए। बच्चे जहां कार्टून चरित्रों के साथ फोटो खिंचाते नजर आए। वहीं, युवक -युवतियां भी मेला देखने पहुंचे।

मेले में भारी पुस्तकों को बाहर ले जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए 20 शटल भी मेला परिसर में लगाई गई हैं। मेले में स्कूल के समूह में बच्चों, बुजुर्गो और दिव्यागों का प्रवेश नि:शुल्क है।

स्कूली बच्चों में उत्सुकता का केंद्र बनी रोबोटिक्स प्रणाली:

हॉल नं. 7 एफएच में स्कूली बच्चे रोबोटिक्स प्रणाली और ई-लर्निग किताबों के बारे में जानते नजर आए। उन्होंने वर्चुअल व‌र्ल्ड की नई अवधारणा का अवलोकन भी आंखों पर चश्मेनुमा गैरबियार लगाकर किया। इसमें व्यक्ति को ऐसा लगता है कि मानो सबकुछ उसके आसपास ही घटित हो रहा है। एमबीडी की एमडी मोनिका मल्होत्रा कंधारी ने बताया कि रोबोटिक्स प्रणाली में बच्चों को प्रेक्टिकल जानकारी दी जाती है। रोबोट की तरह से उपकरण चलते फिरते दिखाई देते हैं। इसी तरह ई-लर्निग किताबों में पीडीएफ फाइल के साथ प्रशिक्षक बच्चों से बातें भी करता है।

(फोटो नं. 306)

पुस्तक मेले में राष्ट्रीय साहित्य संगम का शुभारंभ:

विश्व पुस्तक मेले में राष्ट्रीय साहित्य संगम का शुभारंभ प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक नंदकुमार ने किया। हॉल नं. 12 और 12 ए में स्टाल नं. 292 से 303 पर इस साहित्य संगम के तहत मेलावधि के दौरान विभिन्न साहित्यिक संगोष्ठियां की जाएंगी। इनमें जाने माने लेखक और साहित्यकार भी हिस्सा लेंगे।

Edited By: Jagran