2027 तक टला भलस्वा के कूड़े के पहाड़ का सफाया, छह बार बढ़ी समयसीमा; गाजीपुर और ओखला के लिए क्या?
दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल को साफ करने की समय-सीमा छठी बार बढ़ाकर फरवरी 2027 कर दी गई है, जबकि गाजीपुर ...और पढ़ें

एमसीडी ने भलस्वा लैंडफिल को खत्म करने की समय-सीमा दिसंबर 2026 से बढ़ाकर फरवरी 2027 कर दी है।फाइल फोटो
HighLights
भलस्वा लैंडफिल की समय-सीमा फरवरी 2027 तक बढ़ी
यह छठी बार है जब समय-सीमा में वृद्धि हुई
नए कचरे का आना सफाई में बड़ी बाधा
निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के लिए कलंक कहे जाने वाले कूड़े के पहाड़ खत्म नहीं हो पा रहे हैं। आलम यह है कि 2019 में जहां एक साल में इन लैंडफिल साइटों को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था, वहीं अब 2026 खत्म होने को है और इनकी समय-सीमा फिर बढ़ गई है।
एमसीडी ने भलस्वा लैंडफिल को खत्म करने की समय-सीमा दिसंबर 2026 से बढ़ाकर फरवरी 2027 कर दी है। छठी बार एमसीडी ने भलस्वा लैंडफिल से कूड़ा साफ करने की समय-सीमा बढ़ाई है। एमसीडी ने लैंडफिल साइटों को लेकर अपना एक्शन प्लान दिल्ली सरकार को जमा कर दिया है। इसमें भलस्वा लैंडफिल की समय-सीमा फरवरी 2027 की गई है।
104.40 लाख टन कचरे का निस्तारण
एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार, भलस्वा के साथ गाजीपुर लैंडफिल साइट को दिसंबर 2027 में ही खत्म करने का लक्ष्य पहले की तरह निर्धारित है, जबकि ओखला लैंडफिल साइट के लिए दिसंबर 2026 की समय-सीमा है। भलस्वा लैंडफिल साइट पर 10.77 लाख टन कचरा पड़ा है, जबकि 104.40 लाख टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है।
अभी 63.43 लाख टन कचरे का होगा उठान
इसी तरह ओखला लैंडफिल साइट से 72.53 लाख टन कचरे का निस्तारण हो चुका है, जबकि 7.27 लाख टन कचरा अभी पड़ा हुआ है। गाजीपुर लैंडफिल साइट, जहां शुरुआत में काम सबसे तेजी से हो रहा था, वहां अभी 63.43 लाख टन कचरा बचा हुआ है, जबकि 45.80 लाख टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है।
यूईआर-2 के निर्माण में इसका उपयोग
उल्लेखनीय है कि एनजीटी के आदेश पर वर्ष 2019 में तीनों लैंडफिल साइटों से कचरे के निस्तारण का काम शुरू हुआ था। इसमें पुराने पड़े कचरे को ट्रामल मशीनों के जरिये छानकर मिट्टी (इनर्ट) को अलग किया जाता है, जबकि लोहा और प्लास्टिक भी अलग-अलग किए जाते हैं। इस मिट्टी का उपयोग भराव के लिए किया जाता है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से लेकर यूईआर-2 के निर्माण में इसका उपयोग हुआ है।
समयसीमा अब फरवरी 2027 की गई
शुरुआत में एक साल की समय-सीमा में काम पूरा नहीं हो पाया तो इसके लिए एनजीटी ने एमसीडी से लिखित समय-सीमा मांगी। इसमें 2022 तक तीनों लैंडफिल साइटों को खत्म करना था, लेकिन मार्च 2023 में फिर समय-सीमा बदली गई। इसके बाद मार्च 2024 का लक्ष्य रखा गया। बाद में इसे बढ़ाकर दिसंबर 2024 किया गया। इसके बाद समय-सीमा दिसंबर 2026 की गई और अब भलस्वा के लिए फरवरी 2027 कर दी गई है।
कब तक खत्म नहीं होगी समस्या?
दिल्ली में लैंडफिल साइटों को खत्म करने के लिए सबसे बड़ी समस्या इन साइटों पर नए कचरे का जाना है। अभी भी 5,858 टन कचरा प्रतिदिन लैंडफिल साइटों पर जा रहा है। इसकी वजह से लैंडफिल साइटों को खत्म करने में समस्या आ रही है। हालांकि, इस कचरे के निस्तारण के लिए एमसीडी ने कार्ययोजना तैयार की है, जिसके नवंबर के मध्य में शुरू होने की उम्मीद है।
