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दिल्ली: नर्सरी की छात्रा से दरिंदगी के मामले में चार्जशीट दाखिल, CCTV कैमरे और ड्राइवर के मोबाइल से खुलेंगे राज

Published: Sat, 03 Oct 2026 08:33 AM (IST)

बाहरी दिल्ली के बवाना में तीन वर्षीय नर्सरी छात्रा से यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया है। ...और पढ़ें

नर्सरी की छात्रा से दरिंदगी। सांकेतिक तस्वीर

नर्सरी की छात्रा से दरिंदगी। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. बवाना स्कूल यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया।

  2. पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट आरोपपत्र का हिस्सा बनीं।

  3. इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, जैसे सीसीटीवी, मोबाइल की जांच लंबित है।

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। बाहरी दिल्ली में बवाना के पूठ खुर्द स्थित एक निजी स्कूल में तीन वर्षीय नर्सरी की छात्रा से यौन उत्पीड़न के मामले में गवाहों के बयान के अलावा बच्ची द्वारा दिए गए दरिंदगी के बयान को महत्वपूर्ण माना गया है।

पुलिस ने जांच पूरी करते हुए करीब 105 पेज का आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिया। हालांकि, मामले में इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

स्कूल के सीसीटीवी कैमरों और आरोपी चालक के मोबाइल को एफएसएल भेजा गया है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद जांच से जुड़े इलेक्ट्रानिक तथ्यों को भी अदालत के समक्ष रखा जाएगा। मामले में अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।

मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपपत्र में पीड़िता के बयान के अलावा उसके माता-पिता, स्कूल की प्रधानाचार्य, कक्षा अध्यापिका और अन्य संबंधित लोगों के बयान शामिल किए गए। बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने भी उसका बयान दर्ज कराया गया था।

पुलिस ने इन बयानों के साथ मेडिकल जांच से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात को आरोपपत्र का हिस्सा बनाया है। इस मामले की जांच उस समय शुरू हुई थी, जब 19 अगस्त को बच्ची के स्वजन ने उसके अंदरूनी अंगों पर सूजन और लाल निशान देखे थे।

बच्ची ने आरोपी की पहचान की

वहीं, बच्ची से पूछताछ में उसने एक व्यक्ति को बुरा अंकल बताते हुए चाकलेट देने और अनुचित तरीके से छूने की बात बताई थी। 24 अगस्त को स्कूल में बच्ची ने आरोपी की पहचान की, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था।

एफएसएल जांच के लिए भेजा

मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने जांच के दौरान स्कूल परिसर के सीसीटीवी कैमरों और आरोपित के मोबाइल फोन को जब्त किया। दोनों को रोहिणी, एफएसएल जांच के लिए भेजा गया। इनकी रिपोर्ट अभी लंबित है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मामले की जांच में अगली महत्वपूर्ण कड़ी माने जा रहे हैं।

एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद उसमें सामने आने वाले तथ्यों को पूरक आरोपपत्र के माध्यम से अदालत में दाखिल किया जाएगा। जांच में आरोपित के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपित पर पहले से सात अन्य आपराधिक मामले दर्ज मिले हैं। इनका विवरण 22 सितंबर को दाखिल किए गए आरोपपत्र में शामिल किया गया।

वहीं, मोबाइल की जांच के दौरान कुछ अन्य बच्चों से संबंधित वीडियो क्लिप मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस इन वीडियो क्लिप और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

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