दिल्ली को आज मिलेगा 10 किमी का सिग्नल फ्री बारापुला फेज-3 कॉरिडोर, 20-25 मिनट बचेगा सफर; घटेगा प्रदूषण
दिल्ली में बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन आज होगा, जो सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक यातायात ...और पढ़ें

बारापुला फेस तीन एलिवेटेड कोरीडोर बनकर हुआ तैयार आज होगा शुभारंभ। सौजन्य : दिल्ली सरकार
HighLights
बारापुला फेज-3 कॉरिडोर का दिल्ली में आज उद्घाटन।
यात्रा समय 20-25 मिनट घटेगा, प्रदूषण भी कम होगा।
10 किमी का सिग्नल फ्री मार्ग यातायात सुगम करेगा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में यातायात सुगम करने के साथ प्रदूषण घटाने की दिशा में बारापुला फेज-3 एलिवेटेड काॅरिडोर अहम साबित हो सकता है। सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक बन कर तैयार हुए इस काॅरिडाेर से जाम से राहत के लिहाज से रोजाना करीब दो टन कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है, जो करीब 30 हजार पेड़ों द्वारा कार्बन सोखे जाने के बराबर है।
नौ साल की देरी से तैयार हुआ काॅरिडोर
काॅरिडाेर से दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के बीच व्यस्त समय में यात्रा का समय भी करीब 20 से 25 मिनट कम होने की उम्मीद है। नौ साल की देरी से तैयार हुए इस काॅरिडोर का मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे।
1200 करोड़ की अनुमानित इस परियोजना का काम देरी के कारण 1635.03 करोड़ रुपये में पूरा हुआ है। इस काॅरिडोर का शिलान्यास 2014 में उस समय के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। इसका निर्माण अप्रैल 2015 में शुरू हुआ था।
इसे 30 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न अड़चनों के कारण सितंबर 2026 में काम पूरा हो सका है। जनता के लिए साढ़े तीन किलोमीटर लंबा काॅरिडोर बनकर तैयार है।
सभी रैंप और लूूप को मिलाकर लंबाई 4.9 किमी
काॅरिडोर के सभी रैंप और लूूप को मिलाकर लंबाई 4.9 किलोमीटर तक पहुंच रही है। इस कॉरिडोर में वाहनों के लिए 6 लेन (दोनों तरफ 3-3 लेन) के साथ-साथ समर्पित साइकिल ट्रैक और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ भी बनाए गए हैं।
इस काॅरिडोर के शुरू होने से मयूर विहार फेज-एक और नोएडा से एम्स तक 10 किमी लंबा सिग्नल फ्री काॅरिडोर मिलेगा। बारापुला के फेज-एक व फेज-2 के तहत करीब पौने सात किलोमीटर लंबा काॅरिडोर पहले से बना है।

यातायात दबाव कम होने का अनुमान
सराय काले खां से जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम तक पहला फेज 2010 में राष्ट्रमंडल खेलाें से ठीक पहले उस समय की शीला दीक्षित सरकार ने तैयार कराया था। अब इस परियोजना के तीसरे फेज के पूरा होने से डीएनडी फ्लाईवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-9 और रिंग रोड पर निर्भरता घटने तथा सराय काले खां जंक्शन पर यातायात दबाव कम होने का अनुमान है।
निर्माण प्रतिबंधों से भी काम प्रभावित हुआ
परियोजना को पूरा करने में कई चुनौतियां रही हैं। परियोजना के बीच आ गई किसानों की जमीन मिलने में समय लगा। पुल के बीच आ रही उच्च क्षमता वाली बिजली लाइन को भी स्थानांतरित करने में समय लगा।
जुलाई 2018 में यमुना की बाढ़ में यमुना के मुख्य भाग में एक पिलर की नींव क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे हटाकर दोबारा बनाया गया। परियोजना के बीच आ रहे पेड़ काटने और स्थानांतरित करने की अनुमति में देरी तथा वायु प्रदूषण के कारण लगने वाले निर्माण प्रतिबंधों से भी काम प्रभावित हुआ।
