'4 महीने रोक दो लकड़ी से अंतिम संस्कार', गाड़ियाें के धुएं से घुटती दिल्ली पर BJP पार्षद का गजब प्लान
दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए पार्षदों ने नियमों के सख्त पालन और शवदाह गृहों में ...और पढ़ें

सिविक सेंटर में बैठक के दौरान नारेबाजी करते आप पार्षद।हरीश कुमार
HighLights
वायु प्रदूषण पर नियमों के सख्त जमीनी क्रियान्वयन की मांग
शवदाह गृहों में लकड़ी के उपयोग पर चार माह प्रतिबंध लगे
नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग पर सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई का आरोप
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण खराब होने वाली स्थिति को लेकर पार्षदों ने नियमों पर जमीनी स्तर पर सख्ती की मांग की है।
साथ ही वायु प्रदूषण को कम करने के लिए शवदाह गृह में लकड़ी के उपयोग पर चार माह के लिए प्रतिबंध लगाने की मांग की है। साथ ही अवैध निर्माण, गंदगी और पानी से छिड़काव के मामले में गंभीरता से कार्य करने की मांग की है।
लकड़ी से अंतिम संस्कार पर रोक की मांग
एमसीडी की सदन की बैठक में उप महापौर मोनिका पंत ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान वायु प्रदूषण को लेकर अल्पकालिक चर्चा हुई। जहां भाजपा पार्षद राजपाल सिंह ने मांग की अगले चार माह तक वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लकड़ी से अंतिम संस्कार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि लकड़ी के स्थान पर गौकाष्ट (उपले), सीएनजी या फिर बिजली आधारित अंतिम संस्कार को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में करीब 200 अंतिम संस्कार प्रतिदिन लकड़ी से होते हैं। ऐसे में एक 100 टन लकड़ी प्रतिदिन बचेगी। साथ ही इसके जलने से होने वाला वायु प्रदूषण भी कम होगा।
सफाई और अवैध निर्माण पर सख्ती
वहीं, भाजपा पार्षद ऋतु गोयल ने कहा कि जब तक सफाई नहीं होगी तब तक वायु प्रदूषण की बात करना बेमानी है। उन्होंने कहा कि रोहिणी जोन में कूड़ा उठाने वाली कंपनी सही से काम नहीं कर रही है ।
जिससे गंदगी हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों पर अवैध रूप से निर्माण सामग्री खुले में डालकर रखने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की मांग की। वहीं, कांग्रेस दल की नेता नाजिया दानिश वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जमीनी स्तर वायु प्रदूषण के लिए कार्य करने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष पर हाथापाई का आरोप
एमसीडी की सदन की बैठक शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी। जबकि आप पार्षद सदन में थे ही नहीं। अचानक बैठक में हो रही चर्चा के बीच नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग सदन में पहुंचे। वह महापौर के आसन की तरफ बढ़ रहे थे तो इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक लिया।
नेता सदन जय भगवान यादव ने नारंग पर सुरक्षा कर्मियों से धक्का मुक्की और हाथपाई का आरोप लगाया है। जबकि नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित एमसीडी के सुरक्षा गार्डों ने आप पार्षदों को सदन में प्रवेश करने से रोकने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा प्रवेश वर्मा के मामले में एफआइआर होनी चाहिए लेकिन पुलिस नहीं कर रही है। इसलिए आप पार्षदों ने सदन में एफआइआर की मांग की।
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