IGI एयरपोर्ट पर एअर इंडिया 9 एकड़ में बनेगा नया मेंटेनेंस हैंगर, वाइडबॉडी और नैरोबॉडी विमान की होगी मरम्मत
एअर इंडिया दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर 9 एकड़ में नया एमआरओ हैंगर बना रही है। इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग क्षमता ...और पढ़ें

नौ एकड़ में बनने वाले इस हैंगर में एक वाइडबाडी और एक नैरोबाडी विमान की एक साथ मेंटेनेंस की जा सकेगी।
HighLights
एअर इंडिया आईजीआई एयरपोर्ट पर नया एमआरओ हैंगर बना रही है।
यह हैंगर 9 एकड़ में फैलेगा, क्षमता बढ़ाएगा।
वाइडबॉडी और नैरोबॉडी विमानों की मरम्मत एक साथ होगी।
गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। देश में विमानों की बढ़ती संख्या और मेंटेनेंस सेवाओं की जरूरत के बीच एअर इंडिया अपनी इंजीनियरिंग क्षमता मजबूत करने में जुटी है।
इसी रणनीति के तहत एयरलाइन ने आईजीआई एयरपोर्ट पर नौ एकड़ में फैले नए एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) हैंगर का निर्माण शुरू किया है।
एयरलाइन का लक्ष्य विमान निरीक्षण, मरम्मत और केबिन रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अपनी व्यवस्था के भीतर लाकर परिचालन दक्षता बढ़ाना और बाहरी सेवा प्रदाताओं पर निर्भरता कम करना है।
तकनीकी खराबियों में मिलेगी मदद
नौ एकड़ में बनने वाले इस हैंगर में एक वाइडबाडी और एक नैरोबाडी विमान की एक साथ मेंटेनेंस की जा सकेगी। इसमें इंजीनियरिंग कार्यालय, स्पेयर पार्ट्स का गोदाम और केबिन मरम्मत के लिए अलग दुकान भी होगी। इससे मरम्मत के विभिन्न चरणों के बीच तालमेल बेहतर करने, पुर्जों की उपलब्धता बढ़ाने और तकनीकी खराबियों को जल्द दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्यों पड़ी इस नई व्यवस्था की जरूरत?
एयरलाइन का कहना है कि इससे विमानों के जमीन पर खड़े रहने का समय घटाने और उनकी उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिलेगी। हालांकि कंपनी ने परियोजना की लागत, निर्माण पूरा होने की तारीख और इससे ग्राउंड टाइम में होने वाली संभावित कमी के बारे में नहीं बताया है। हैंगर निर्माण के लिए एयरपोर्ट पर आयोजित भूमिपूजन समारोह में एअर इंडिया के सीईओ टेवोल्डे गेब्रेमारियम सहित एयरलाइंस व डायल के अधिकारी मौजूद रहे।
एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद हैं हैंगर
आईजीआई एयरपोर्ट पर विमान मेंटेनेंस की सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। सरकारी कंपनी एआइ इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (एआइईएसएल) के यहां मेंटेनेंस हैंगर हैं। इसके अलावा अन्य कंपनियां बिजनेस जेट और निजी विमानों की देखरेख के लिए हैंगर संचालित करती हैं।
बढ़ते विमान बेड़े के साथ बढ़ रही एमआरओ की जरूरत
देश में हवाई यात्रा की मांग बढ़ने और एयरलाइंस के बेड़े के विस्तार से विमानों के रखरखाव, नियमित निरीक्षण और तकनीकी मरम्मत की जरूरत भी बढ़ रही है। प्रत्येक विमान को उड़ान सुरक्षा और नियामकीय मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए समय-समय पर जांच, पुर्जों की मरम्मत और निर्धारित अंतराल पर व्यापक मेंटेनेंस की आवश्यकता होती है। ऐसे में एमआरओ सुविधाओं की उपलब्धता विमानों की परिचालन क्षमता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
समय घटाने में मदद मिलेगी
घरेलू एमआरओ क्षमता बढ़ने से एयरलाइंस को कुछ मरम्मत कार्यों के लिए विदेश में विमान भेजने की जरूरत, उससे जुड़ी लाजिस्टिक्स लागत और विमान के सेवा से बाहर रहने का समय घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इंजन और जटिल कंपोनेंट की मरम्मत के लिए विशेष तकनीक, प्रशिक्षित विशेषज्ञों और अतिरिक्त निवेश की जरूरत होती है।
