AIIA के 10वें स्थापना दिवस पर 'कौमारकान-2026' का समापन, नई वेबसाइट लॉन्च, 15 से अधिक अकादमिक प्रकाशनों का विमोचन
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआइआइए) ने अपने 10वें स्थापना दिवस पर दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और 15 से अधिक अकादमिक प्रकाशनों का विमोचन किया।
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अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, जागरण आर्काइव।
HighLights
एआइआइए के 10वें स्थापना दिवस पर दो एमओयू हुए।
15 से अधिक अकादमिक प्रकाशनों का विमोचन किया गया।
बाल स्वास्थ्य पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'कौमारकान-2026' संपन्न हुआ।
जागरण संवाददाता नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआइआइए) के 10वें स्थापना दिवस पर शनिवार को दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए और 15 से अधिक अकादमिक प्रकाशनों का विमोचन हुआ। नई वेबसाइट, ई-कोर्स और ई-बुक भी शुरू की गई।
इसी के साथ संस्थान के कौमारभृत्य विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कौमारकान-2026 का समापन भी हो गया।
बाल स्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका पर चर्चा
सम्मेलन में विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और नीति-निर्माताओं ने बाल चिकित्सा में आयुर्वेद तथा पारंपरिक, पूरक एवं एकीकृत चिकित्सा की भूमिका पर चर्चा की। वैज्ञानिक प्रमाणों, शोध और बीमारियों से बचाव पर जोर दिया गया। सम्मेलन में इंग्लैंड, श्रीलंका, जर्मनी, नेपाल, अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, इटली और अमेरिका के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
समारोह में मुख्य अतिथि दक्षिण दिल्ली के लोकसभा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी रहे। पद्म भूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुण, एआइआइए के पूर्व निदेशक एवं सीएवाईईआइटी के सीईओ प्रो. डा. अभिमन्यु कुमार तथा आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव और एनएमसी सदस्य डा. अशोक कुमार वार्ष्णेय उपस्थित रहे।
कादमिक प्रकाशनों का हुआ विमोचन
एआइआइए ने राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ और आरोग्य भारती के साथ समझौते किए। 15 से अधिक अकादमिक प्रकाशनों के विमोचन के साथ नई डीबीआइएम अनुरूप वेबसाइट, एफईएसडीएपी ई-कोर्स, रिसर्च मेथडोलाजी एंड मेडिकल स्टेटिस्टिक्स पाठ्यपुस्तक और रूटेड एंड राइजिंग : जर्नी ऑफ आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेदा ई-बुक का शुभारंभ हुआ।
उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग पर जोर
बाल स्वास्थ्य में शोध, नवाचार और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए पैनल चर्चा की अध्यक्षता निदेशक प्रो. वैद्य पी.के. प्रजापति ने की। आयुष मंत्रालय के सलाहकार डा. ए. रघु ने सह-अध्यक्षता की। नीति, शिक्षा और अनुसंधान पर भी चर्चा हुई।
इस मौके पर सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि वह 2016 से 2026 तक संस्थान की प्रगति के साक्षी रहे हैं। प्रधानमंत्री ने हर चरण में सहयोग दिया है। प्रो. प्रजापति ने सम्मेलन की सफलता का श्रेय एआइआइए परिवार के प्रयासों को दिया।
