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एक नाम के 50 लोग और करोड़ों की ठगी, AI से PAN पर लगाते थे अपनी फोटो; दो भाई गिरफ्तार

Published: Wed, 30 Sep 2026 09:01 PM (IST)Updated: Wed, 30 Sep 2026 09:05 PM (IST)

दो सगे भाइयों ने AI का उपयोग कर इंटरनेट से मिले हमनाम 'गौरव छाबड़ा' के पैन कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर 50 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लोन घोटाला किया।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने इंटरनेट से गौरव छाबड़ा नाम के लोगों के पैन नंबर निकाले और एआई की मदद से उनके पैन कार्ड पर अपना फोटो चिपकाकर घोटाले काे अंजाम दिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने इंटरनेट से गौरव छाबड़ा नाम के लोगों के पैन नंबर निकाले और एआई की मदद से उनके पैन कार्ड पर अपना फोटो चिपकाकर घोटाले काे अंजाम दिया।

HighLights

  1. दो भाइयों ने AI से पैन कार्ड पर फोटो लगाकर ठगी की।

  2. देशभर में 50 हमनाम 'गौरव छाबड़ा' को करोड़ों का चूना लगाया।

  3. पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार कर 25 पासबुक, 27 एटीएम जब्त किए।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। ‘गौरव छाबड़ा’ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि ठगी का ऐसा तरीका बन गया, जिसका इस्तेमाल कर दो सगे भाइयों ने देशभर में अपने हमनाम करीब 50 लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। आरोपितों ने इंटरनेट से गौरव छाबड़ा नाम के लोगों के पैन नंबर निकाले और एआई की मदद से उनके पैन कार्ड पर अपना फोटो चिपका दिया।

बैंक की 25 पासबुक, 27 एटीएम/डेबिट कार्ड बरामद

इसके बाद इन पैन कार्ड का इस्तेमाल कर ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनियों से करोड़ों रुपये का लोन ले लिया। पूर्वी जिले के साइबर थाना पुलिस ने गुरुग्राम से दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया है।

आरोपितों की पहचान गुरुग्राम के ज्योति पार्क, सेक्टर-7 निवासी गौरव छाबड़ा और उसके भाई शुभम के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से बैंक की 25 पासबुक, 27 एटीएम/डेबिट कार्ड, 11 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं।

करीब 47 लाख रुपये का गारंटर भी बनाया

डीसीपी राजीव कुमार रावल ने बताया कि साइबर थाने में पटपड़गंज निवासी गौरव छाबड़ा ने शिकायत दी थी कि उसके पैन नंबर पर कई लोन चल रहे हैं, जबकि उसने कोई लोन नहीं लिया।

इन लोन के कारण उसका सिबिल स्कोर भी प्रभावित हुआ। जांच में उसके पैन नंबर पर 30 से अधिक लोन मिले, जिनकी रकम करीब सात लाख रुपये थी। वहीं, कई लोन खातों में उसे करीब 47 लाख रुपये का गारंटर भी बनाया गया था।

आरोपित का भाई शुभम भी गिरफ्तार 

मामले में केस दर्ज कर थानाध्यक्ष पवन यादव के नेतृत्व में एसआई रिंकी चौधरी, हेड कांस्टेबल कुलदीप, राहुल और कांस्टेबल नीरज की टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता के नाम पर जारी सिम कार्ड और उसके नाम से चल रहे लोन की जानकारी जुटाई। पीड़ित ने बताया कि वह केवल एक सिम इस्तेमाल करता है। इसके बाद पुलिस ने गुरुग्राम में छापेमारी कर गौरव छाबड़ा और उसके भाई शुभम को गिरफ्तार कर लिया।

10 पीड़ितों की हो चुकी है पहचान

जांच में सामने आया कि आरोपितों ने शिकायतकर्ता का पैन कार्ड इंटरनेट से हासिल किया था। इसके बाद एआई की मदद से उसमें अपना फोटो लगा दिया और उसी पैन कार्ड के आधार पर 10 मोबाइल सिम खरीदे।

कई ऑनलाइन लोन कंपनियां गारंटी के तौर पर सिर्फ पैन कार्ड की प्रति लेती हैं। आरोपितों ने इसी का फायदा उठाकर पीड़ित के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये का लोन लिया।

पुलिस की जांच में देशभर में गौरव छाबड़ा नाम के करीब 50 लोगों का पता चला है, जिनके नाम पर लोन लिए गए हैं। इनमें से 10 पीड़ितों की पहचान पुलिस कर चुकी है।

क्राइम पेट्रोल देखकर आया ठगी का विचार

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान वे घर पर रहते थे और क्राइम पेट्रोल देखते थे। वर्ष 2022 से दोनों ठगी कर रहे हैं। आरोपितों ने अब तक करीब 50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की है। लोन की रकम वे अपने बैंक खातों में मंगवाते थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपितों ने कितने अन्य लोगों के पैन कार्ड का इस्तेमाल कर उनके नाम पर लोन लिया है।

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