यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi: एमसीडी के 12 जोन की जिम्मेदारी संभालेंगे AAP के 4 नेता, रखेंगे पार्षदों के कार्य का लेखा-जोखा
Delhi Mcd News दिल्ली को 12 जोन में बांटकर 3-3 जोन की जिम्मेदारी इन चार नेताओं को सौंपी गई है। ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आम आदमी पार्टी (आप) ने एमसीडी के 12 जोन अपने चार वरिष्ठ नेताओं को सौंप दिए हैं। विधायक आतिशी, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और आदिल को यह जिम्मेदारी दी गई है। आप के चारों नेता अपने जोन के पार्षदों के साथ समन्वय करेंगे। उनके साथ बैठक कर काम का तरीका समझाएंगे।
चारों नेता पार्षदों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान कराएंगे। अपने साथ लेकर उनके इलाके में भ्रमण करेंगे। सभी पार्षद इन से सीधे संपर्क में रहेंगे। आखिर में आप के वरिष्ठ नेता पार्षदों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद कमेटियों में शामिल करने का फैसला लिया जाएगा।
इन चार नेताओं को सौंपी गई 3-3 जोन की जिम्मेदारी
आप ने पूरी दिल्ली के 12 जोन सिविल लाइन, रोहिणी, नजफगढ़, नरेला, केशवपुरम, वेस्ट जोन, सदर, करोलबाग, शाहदरा नार्थ, सेंट्रल, साउथ और शाहदरा साउथ के बारे में बड़ा फैसला लिया है। क्योंकि किसी एक व्यक्ति के लिए सभी पार्षदों के साथ समन्वय करना संभव नहीं था। इसलिए दिल्ली को 12 जोन में बांटकर 3-3 जोन की जिम्मेदारी इन चार नेताओं को सौंपी गई है। आप के नेता आदिल के पास सिविल लाइन, रोहिणी और नजफगढ़ की जिम्मेदारी होगी।
नरेला, केशवपुरम और पश्चिमी जोन की जिम्मेदारी सौरभ भारद्वाज के पास होगी। सदर, करोलबाग और शाहदरा उत्तरी की जिम्मेदारी दुर्गेश पाठक के पास होगी। जबकि मध्य, दक्षिणी और शाहदरा दक्षिणी की जिम्मेदारी आतिशी के पास होगी।
क्षमता के हिसाब से मिलेगा सभी को स्थान
दिल्ली नगर निगम में कई तरह की कमेटियां गठित की जाती हैं। इनमें स्थायी समिति, वित्त समिति आदि कमेटियां शामिल हैं। इनका उद्देश्य नगर निगम क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यो में तेजी लाना है। इसके अलावा आर्थिक फैसले भी यही कमेटियां लेती हैं। इन कमेटियों की कमान पार्षदों के हाथों में होती है।
चारों वरिष्ठ नेता पार्षदों को कमेटियों में शामिल करने का फैसला लेंगे। पार्षदों को उनकी क्षमताओं के हिसाब से कमेटियों में शामिल करने संबंधी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद एमसीडी में गठित होने वाली कमेटियों की कमान सौंपी जाएगी। इन्हीं पार्षदों में से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य बनाए जाएंगे।