नई दिल्ली [गौरव बाजपेई]। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार प्रशासन में रहने के 20 वर्ष पूरे होने पर नेशनल कांफ्रेंस आफ डिलिवरिंग डेमोक्रेसी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 27 से 29 अक्टूबर तक चलने वाले इस कांफ्रेंस का आयोजन रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी संगठन कर रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया। इस दौरान राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे और महाराष्ट्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस भी मौजूद रहे।

कई दशकों से लंबित पड़े कामों को पीएम ने किया पूरा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा जब देश से राम राज्य की परिकल्पना खत्म होती जा रही थी उस समय साल 2014 में देश की जनता ने राष्ट्र की कमान नरेन्द्र मोदी को सौंपी। इसे उन्होंने कुशलता पूर्वक संभाला। पीएम नरेन्द्र मोदी ने राजनीतिक लाभ की चिंता किए बगैर कई दशक से लंबित कार्यों को राजनीतिक जिजीविषा दिखाते हुए पूरा किया। चाहे वह धारा 370 और 35ए हटाने का निर्णय हो। या तीन तलाक को खत्म कराने का निर्णय इसके अलावा नोट बंदी, जनधन खाते, स्वच्छता आंदोलन, योग को विश्व पटल पर लाना, राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय दिए जाने के बाद कानून व्यवस्था, उज्जवला योजना, जीडीपी को मानवीय मूल्यों के साथ आम आदमी को जोड़ना भी प्रमुख कदमों में से एक है।

देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा काम

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस देश की सभी नीतियों को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया है। इसके अलावा बाकी दुनिया को यह संदेश दिया है कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और भारत विश्व का नेतृत्व करने में सक्षम है। कार्यक्रम के आयोजक मंडल में शामिल श्रीराम चौलिया ने बताया कि इस कांफ्रेंस में पत्रकार आर. जगन्नाथन, अर्थशास्त्री राजीव कुमार, संजीव सान्याल और कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम, राजनयिक लक्ष्मी पुरी और सुजान चिनॉय, नीति विश्लेषक मुकुल आशेर और शमिका रवि, प्रशासनिक अधिकारी अनिल मुकीम, हसमुख अधिया और अशोक दलवई, उद्योगपति मनीष सभरवाल, मिलिंद कांबले, रवि पंडित, सुमंत सिन्हा, और राजीव मंत्री, संसद सदस्य बैजयंत पांडा, सुशील मोदी और कई अन्य विशेषज्ञ और टिप्पणीकार उपस्थित रहेंगे जिन्होंने पिछले 20 वर्षों में पीएम मोदी के रिकॉर्ड का बारीकी से अध्ययन किया है, वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शासन में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में अपनी अंतर्दृष्टि और टिप्पणियों को साझा करेंगे।

Edited By: Prateek Kumar