नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल आफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में दाखिले की दौड़ शुक्रवार से शुरू हो गई है। छात्र-छात्राएं 15 दिसंबर तक स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकेंगे। कोरोना संक्रमण के चलते लगातार दूसरे वर्ष दाखिले आनलाइन ही संपन्न होंगे। एसओएल ने छात्रों की सहूलियत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

प्रत्येक वर्ष जुलाई के अंतिम सप्ताह में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष दाखिले के लिए मंजूरी मिलने में विलंब और कोरोना संक्रमण के चलते देरी हुई। एसओएल पदाधिकारी बताते हैं कि छात्र लंबे समय से एसओएल में दाखिले शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।

नियमित के मुकाबले अधिक होते हैं दाखिले

प्रतिदिन एसओएल कार्यालय में फोन कर दाखिले से जुड़े सवाल पूछते थे। 12वीं कक्षा में कम अंक आने पर छात्रों के पास एसओएल का विकल्प रहता है। यही कारण है कि नियमित के मुकाबले एसओएल में प्रतिवर्ष अधिक दाखिले होते हैं। गत वर्ष भी एक लाख से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया था।

आवेदन के समय ही भरी जाती है फीस

एसओएल पदाधिकारी ने बताया कि आवेदन फार्म भरते समय ही छात्रों को आवेदन शुल्क भी जमा करना होगा। छात्र नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के जरिए शुल्क का भुगतान कर सकेंगे। आवेदन के समय छात्रों को जन्मतिथि संबंधी जानकारी, शैक्षणिक दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर, 10वीं और 12वीं का अंकपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि दस्तावेज की जरूतर पड़ेगी।

नियमित के समान ही पाठ्यक्रम

दिल्ली विवि में नियमित और दूरस्थ दोनों ही माध्यमों से पढ़ाई करने वाले छात्रों का पाठ्यक्रम एक ही होता है। च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू होने के कारण जो पाठ्यक्रम नियमित के छात्रों को पढ़ाया जाता है वही एसओएल के छात्र भी पढ़ते हैं। छात्रों को अध्ययन सामग्री आनलाइन और आफलाइन दोनों ही तरीके से दी जाती है। प्रत्येक मंगलवार को एसओएल के शिक्षक, छात्रों से सीधा संवाद भी करते हैं।

Edited By: Jp Yadav